संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति एक बार फिर सक्रिय हो गई है। बुधवार को सफीदों रोड स्थित उत्तम पैलेस में समिति की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि समिति को फिर सक्रिय करने के लिए जिला स्तर, ब्लॉक स्तर व गांव स्तर पर बैठकें की जाएंगी। यह कार्य एक महीने में ही पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद दिल्ली में समिति का राष्ट्रीय सम्मेलन करके जाट आरक्षण के लिए आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप सिंह दहिया ने कहा कि फिलहाल प्रदेश में महिला पहलवानों व किसानों का आंदोलन चल रहा है। महिला पहलवानों की ओर से दिया गया अल्टीमेटम कल समाप्त हो जाएगा। इसके बाद वह जो निर्णय लेंगी, उसी के अनुसार उनके आंदोलन को मजबूत किया जाएगा। वहीं किसान भी एमएसपी की गारंटी को लेकर आंदोलनरत हैं। वह भी जो निर्णय लेंगे, उस आंदोलन में समिति बढ़-चढ़कर भाग लेगी। फिलहाल हरियाणा में समिति कोई आंदोलन नहीं करेगी। अगस्त में दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यकारिणी का सम्मेलन होगा। उसमें आंदोलन का निर्णय लिया जाएगा।
राष्ट्रीय संरक्षक यशपाल मलिक ने कहा कि जो बैठकें जिला स्तर, ब्लॉक स्तर व ग्रामीण स्तर पर की जाएंगी, उनमें सभी 36 बिरादरी के लोगों का सहयोग मांगा जाएगा। हरियाणा भाईचारे की मिसाल है, ऐसे में जो लोग 35-एक का नारा दे रहे हैं, उनको करारा जवाब देने के लिए भाईचारा मजबूत करना जरूरी है। बहुत से लोग एक साजिश के तहत इस देश में जातिवाद का जहर घोल रहे हैं। लोगों को इसके बारे में सच्चाई बतानी होगी और आपसी सौहार्द व भाईचारा मजबूत करने के लिए काम करना होगा। बैठक को पलवल के प्रधान अशोक कुमार, फरीदाबाद के महाबीर, सिरसा से चौ. रधीर सिंह, सोनीपत से हरिज्ञान मलिक, हिसार से बलवान सिंह, रोहतक से रमेश कुमार, गुरुग्राम से सुमित्रा दहिया, सुरेंद्र मलिक, कैप्टन रणधीर सिंह चहल, कैप्टन रामकरण दलाल ने भी बैठक को संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने महिला पहलवानों व किसानों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि जो भी समिति निर्णय लेगी, उसी आंदोलन में वह बढ़-चढ़कर भाग लेंगे।
2024 में आरक्षण नहीं मिला तो फिर करना पड़ेगा 2029 तक इंतजार
यशपाल मलिक ने कहा कि सरकार हमेशा चुनाव के नजदीक आकर ही झुकती है, इसलिए जाट आरक्षण के लिए आंदोलन चलाने का यह सही समय है। यदि 2024 में जाटों को आरक्षण नहीं मिला तो फिर हमें 2029 तक इंतजार करना पड़ेगा। वक्त को समझते हुए हमें एकजुट होना होगा।