संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। एक बार फिर अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति जिले में सक्रिय होने जा रही है। शनिवार को जाट धर्मशाला में समिति के जिला प्रधान का चुनाव करवाया जाएगा। अब तक भिवानी, रोहतक, दादरी में इसके जिला प्रधान नियुक्त किया जा चुके हैं। अब जाट आरक्षण आंदोलन का गढ़ रहे जींद में भी समिति अपने पदाधिकारी खड़े करेगी। अक्तूबर 2021 में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने बैठक करे इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे यशपाल मलिक से किनारा कर लिया था। वहीं यशपाल मलिक ने भी समिति को भंग कर दिया था। इसके बाद रोहतक के अशोक बल्हारा को इस राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया था।
फरवरी 2016 में हुए जाट आरक्षण आंदोलन तथा इसके बाद लगातार जींद में चले जाट आरक्षण के लिए धरना चला था। इसमें काफी संख्या में लोग जुटने लग गए थे। इसके बाद यशपाल मलिक द्वारा ट्रैक्टर रैली दिल्ली में करने के आह्वान के बाद सरकार के साथ समझौता हुआ था। बाद में यशपाल मलिक पर संगठन विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप लगे थे। हिसार में अक्तूबर में हुई बैठक में यशपाल मलिक को बाहर निकाल दिया था। वहीं यशपाल मलिक ने भी अपनी तरफ से समिति को भंग कर दिया था।
इसी समिति द्वारा रोहतक के जसिया में जाट सेवा संघ के नाम से ट्रस्ट बनाकर शिक्षा संस्थाओं का निर्माण किया जा रहा है। फिलहाल इस जाट सेवा संघ के चेयरमैन भूपेंद्र जागलान हैं। इसके बाद से ही जिले में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति निष्क्रिय चल रही थी। अब शनिवार को फिर से संगठन खड़ा करने के लिए इसके जिला प्रधान की नियुक्ति की जाएगी।