जींद। मौसम में बदलाव के दृष्टिगत डीसी एवं जिला आपदा एवं प्रबंधन प्राधिकरण के चेयरमैन मोहम्मद इमरान रजा ने गर्मी व लू से संरक्षण के लिए सभी विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों को जारी की गई एडवाइजरी के अनुसार जरूरी प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने जिलावासियों से आह्वान किया कि वे खुद के बचाव के लिए जरूरी सावधानी बरतते हुए एडवाइजरी की पूर्ण अनुपालना करें। गर्मी व लू से बचाव के लिए गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा इस संदर्भ मे एडवाइजरी जारी की गई है, जिसमें हर विभाग के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से स्वास्थ्य विभाग जरूरी प्रबंध सुनिश्चित करें। जिनमें ओआरएस, जरूरी दवाएं, क्या करें, क्या न करें की जानकारी वाले बोर्ड की स्थापना, पेयजल इत्यादि की पूर्ण व्यवस्था करें। उन्होंने आम जन से भी आह्वान किया कि वे स्वास्थ्य विभाग कंट्रोल रूम में नंबर 108 पर सहायता ले सकते हैं। डीसी ने कहा कि गर्मी के मौसम में गरम हवा और बढ़े हुए तापमान से लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। खासकर धूप में घूमने वालों, खिलाडिय़ों, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को लू लगने का डर ज्यादा रहता है। यदि बच्चे को चक्कर आए, उल्टी घबराहट अथवा तेज सिरदर्द हो, सीने में दर्द हो अथवा सांस लेने में कठिनाई हो तो चिकित्सक को दिखाएं। डीसी ने बताया कि जानवरों को छाया में रखें और उन्हें पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी दें। उन्हें घर के भीतर रखें, पीने के पानी के दो बाउल रखें ताकि एक में पानी खत्म होने पर दूसरे से वे पानी पी सकें। यदि उन्हें घर के भीतर रखा जाना संभव न हो तो उन्हें किसी छायादार स्थान में रखें। पक्षियों के लिए अपने घर की छतों पर पानी भर कर रखें हो सके तो ज्यादा से ज्यादा छत पर भी गमले रखें।
एडवाइजरी की पालना करें जिलावासी
डीसी ने आमजन से आह्वान किया कि वे जारी की गई एडवाइजरी की पालना करें और लू से बचे रहें। उन्होंने बताया कि लू से बचाव के लिए स्थानीय मौसम संबंधी खबरों के लिए रेडियो सुनेंए टीवी देखें। समाचार पत्र पढ़ें, गर्मी में हलके रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें, अपना सिर ढक कर रखें, कपड़े, हैट अथवा छतरी का उपयोग करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, भले ही प्यास न लगी हो। ओआरएस, घर में बने पेय जैसे लस्सी, नींबू पानी, छाछ आदि का सेवन कर तरोताजा रहें। डीसी ने कहा कि बच्चों को वाहनों में छोड़ कर न जाएं, उन्हें लू लगने का खतरा हो सकता है। नंगे पांव बाहर न जाएं, गर्मी से राहत के लिए हाथ का पंखा अपने पास रखें। काम के बीच में थोड़ा-थोड़ा विश्राम लें, खेत खलीहान में काम कर रहे हैं तो समय-समय पर पेड़ या छाया में ही आसरा लें। गर्मी के मौसम में जंक फूड का सेवन न करें। ताजे फल, सलाद तथा घर में बना खाना खाएं। खासतौर से दोपहर 12 बजे से सायं चार बजे के बीच धूप में सीधे न जाए।