उचाना। सर्वजातीय दाड़न खाप चबूतरा पालवां ने पहलवानों का समर्थन किया है। साक्षी मलिक के कुश्ती से संन्यास और बजरंग पूनिया के पद्मश्री लौटाने के फैसले पर दोबारा से विचार करने की अपील की।
सर्व जातीय दाड़न खाप प्रधान सूरजभान घसो ने कहा कि बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक जैसे खिलाड़ी देश का गौरव है। साक्षी मलिक द्वारा कुश्ती छोड़ने व बजरंग पूनिया द्वारा पद्मश्री लौटाने के फैसले से आम आदमी को भी ठेस पहुंची है और खाप उनके समर्थन में खड़ी है। इस तरह के फैसले से तो अखाड़े खाली हो जाएंगे। पद्मश्री खिलाड़ी बजरंग पूनिया को पीएम नरेंद्र मोदी तक नहीं पहुंचने दिया जा रहा और मजबूरी में वह सड़क पर अपना अवॉर्ड रखकर चला गया। खेलों में राजनीति नहीं होनी चाहिए न ही राजनीतिक लोग शामिल किए जाने चाहिए। खेल को खेल का अखाड़ा रहने दें इसे राजनीतिक अखाड़ा न बनाएं। खिलाड़ियों को किसी जाति व धर्म से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। वो देश की शान हैं। खिलाड़ियों को जो अवॉर्ड मिले हैं उनको भी उनका सम्मान करना चाहिए। यह सम्मान किसी व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि देश का सम्मान है। भारत सरकार को चाहिए कि वो खिलाड़ियों के सम्मान को ठेस न पहुंचे इसके लिए पुनर्विचार करें।
खटकड़ टोल कमेटी ने कहा- खिलाड़ियों की जीत
खटकड़ टोल कमेटी से भूपेंद्र जागलान, वेद प्रकाश बरसोला, पूनम कंडेला ने कहा कि उन्होंने खिलाड़ियों को समर्थन देकर उनका हौसला बढ़ाने का काम किया था, उनके आंदोलन में आमजन ने आगे आकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। जिसके चलते अब कुश्ती खिलाड़ियों की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी देश की बेटियों व खिलाड़ियों के साथ अन्याय करने वालों को वह सहन नहीं करेंगे।
नई कार्यकारिणी को भंग करने का खाप पंचायतों ने किया स्वागत
जींद। कुश्ती फेडरेशन की नई कार्यकारिणी को निलंबित करने का जिले की खाप पंचायत ने स्वागत किया है। माजरा खाप पंचायत जींद व सर्वखाप पंचायत मंच ने कहा कि इस फैसले से कुश्ती को बचाया जा सकता है। ऐसे बाहुबली प्रधान की प्रधानी में खिलाड़ी खेलों से तौबा कर सकते थे।
माजरा खाप पंचायत के प्रवक्ता समुद्र सिंह फोर ने कहा कि सरकार ने जो वादा खिलाड़ियों से किया है उसे ईमानदारी से निभाया जाना चाहिए। फोर ने कहा कि समाज व खाप पंचायतें व किसान संगठनों की आवाज का परिणाम है। खापों ने खिलाड़ियों से अनुरोध किया है कि वह भी खेलों से हटने व मेडल वापसी के फैसले पर पुनर्विचार करें। संवाद