जुलाना: करसोला गांव में रेशनलाइजेशन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में चल रही छात्राओं की भूख हड़ताल तीसरे दिन शनिवार को उप जिला शिक्षा अधिकारी सुमित्रा देवी के आश्वासन के बाद समाप्त हुई। करसोला गांव में अध्यापकों के पदों को समाप्त करने के विरोध में छात्राओं ने गेट के बाहर ताला लगाकर वीरवार को भूख हड़ताल शुरू की थी। लगातार तीन दिन छात्राओं ने गेट के बाहर बैठकर भूख हड़ताल और धरना दिया। धरने में छात्रों के अलावा ग्रामीणों ने भी साथ दिया।
शनिवार को उप जिला शिक्षा अधिकारी सुमित्रा देवी करसोला गांव में पहुंचीं और छात्रों की समस्या को सुना। उप जिला शिक्षा अधिकारी ने आश्वासन दिया कि कोई भी पद समाप्त नहीं किया जाएगा। विभाग की पॉलिसी के अनुसार अगर किसी अध्यापक का तबादला होता है तो उसकी जगह दूसरा अध्यापक आएगा। इस आश्वासन पर छात्र और ग्रामीण मान गए और भूख हड़ताल को खत्म कर दिया। छात्रों ने कहा कि स्कूल में 314 छात्र हैं और 9 अध्यापकों का तबादला होगा। उनमें से पांच अध्यापकों के पदों को समाप्त किया जाएगा। जिससे छात्रों की शिक्षा प्रभावित होगी।
धरना दे रहे छात्रों को आश्वासन दिया गया है कि विभागीय नियमों के अनुसार जिस अध्यापक का तबादला होगा। उसकी जगह नियमों को पूरा करने पर दूसरा अध्यापक आएगा और बच्चों की शिक्षा प्रभावित नहीं होगी। आश्वासन के बाद छात्र मान गए और गेट का ताला खोल दिया और भूख हड़ताल भी समाप्त कर दी।
-सुमित्रा देवी, उप जिला शिक्षा अधिकारी।