जींद। सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से मंगलवार को प्रवेश उत्सव कार्यक्रम शुरू कर दिया गया है। इस दौरान शिक्षकों ने स्कूल में दाखिला लेने वाले बच्चों का फूल माला पहनाकर स्वागत किया। इसके लिए अब अध्यापक गांवों में हर घर तक जाकर विद्यार्थियों को सरकारी स्कूल में दाखिला लेने के लिए प्रेरित करेंगे। यह अभियान 15 दिनों तक चलाया जाएगा।
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गैर बोर्ड कक्षाओं के बच्चों की वार्षिक परीक्षाएं खत्म हो चुकी हैं और उनका परिणाम भी घोषित किया जा चुका है। इसके चलते छात्र अगली कक्षाओं में प्रोन्नत किए गए हैं। इसलिए शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कू लों में छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रवेश उत्सव चलाया जा रहा है। इसके तहत अभिभावकों व बच्चों को सरकारी स्कूलों के बढ़ते स्तर के बारे में जागरूक किया जाएगा व अध्यापक बच्चों के दाखिले सरकारी स्कूल में करवाने के लिए प्रेरित करेंगे। इस दौरान बच्चों व उनके अभिभावकों को सरकारी स्कूलों में हो रहे सुधारों व नई सुविधाओं के बारे में जागरूक किया जाएगा।
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स्कूल छोड़ चुके बच्चों का दाखिला कराने का होगा प्रयास
प्रवेश उत्सव कार्यक्रम के तहत स्कूल छोड़ चुके बच्चों का भी दाखिला करवाया जाएगा, ताकि वह अपनी पढ़ाई सुचारू रख सकें। शिक्षा विभाग ने इसको लेकर सभी स्कूलों को निर्देश जारी किया है। इस प्रवेश उत्सव के दौरान एक तरफ जहां सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों का दाखिला अगली कक्षा में करवाना सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं नये दाखिलों के लिए भी अध्यापकों द्वारा अभियान छेड़ा गया है। अध्यापक प्रयास कर रहे हैं कि अधिक से अधिक बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में हो। -सदानंद वत्स, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी जींद।