01जेएनडी14: जींद नागरिक अस्पताल का फोटो। संवाद
जींद। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 2014 से लेकर 2017 तक जितनी भी दवाइयां या अन्य उपकरण खरीदे हैं, उनकी जांच होगी। स्वास्थ्य विभाग पर दवाई खरीद के मामले में गड़बड़ी करने का आरोप लगा है। ऐसे में एंटी करप्शन ब्यूरो को इसकी जांच सौंपी गई है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग से रिकॉर्ड उपलब्ध करवाने को कहा गया है।
एंटी करप्शन ब्यूरो की तरफ से भेजे गए पत्र में लिखा गया है कि 2014 से 2017 तक स्वास्थ्य विभाग ने किन-किन फर्मों से दवाइयां या अन्य उपकरण खरीदे हैं। इसके अलावा इसके लिए टेंडर दिए गए थे या नहीं। इस बारे में भी जानकारी मांगी गई है। यदि किसी फर्म से बिना टेंडर के दवाइयां खरीदी गई है तो उनकी कोटेशन उपलब्ध होनी चाहिए। दवाइयां खरीदने से पहले कितनी फर्मों की कोटेशन मांगी गई, यह सभी प्रकार की जानकारी एंटी करप्शन ब्यूरो ने स्वास्थ्य विभाग से मांगी है। बताया जा रहा है कि किसी ने पूरे हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग में दवाई खरीद में घोटाले के आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को शिकायत की थी। अब अतिरिक्त मुख्य सचिव ने मामले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो को सौंपी है। इसी मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने स्वास्थ्य विभाग से 2014 से लेकर 2017 तक रिकॉर्ड उपलब्ध करवाने को कहा है।
एंटी करप्शन ब्यूरो ने दवाई व अन्य उपकरण खरीद से संबंधित 2014 से 2017 तक के रिकॉर्ड मांगे हैं। पहले रिकॉर्ड उपलब्ध करवा दिया था, लेकिन उसमें अब कुछ बिंदु अनुसार रिकॉर्ड मांगा गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो को रिकॉर्ड उपलब्ध करवा दिया जाएगा। पूरे हरियाणा में इस प्रकार का रिकॉर्ड मांगा जा रहा है। -डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन, जींद।
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