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Jind News: एबीवीपी ने सीआरएसयू के कुलपति पर लगाए गंभीर आरोप

Wed, 14 Aug 2024 01:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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13जेएनडी51: सीआरएसयू के कुलपति पर गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए एबीवीपी के सदस्य। संवाद
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जींद। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के रोहतक विभाग के संयोजक रोहन सैनी व जिला संयोजक परमिंद्र सैनी ने चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति पर पार्ट टाइम कर्मियों की भर्ती में बैकडोर से अपने चहेतों को भर्ती करने व पीएचडी में दाखिला देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
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रोहन सैनी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सीआरएसयू के कुलपति ने विश्वविद्यालय को एक राजनीतिक दल का अड्डा बना दिया गया है। कुलपति बिना किसी प्रकार की भर्ती का नोटिस जारी किए बैक डोर से अपने चहेतों को भर्ती कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार पीएचडी में दाखिलों में भी जमकर धांधली की गई है। विश्वविद्यालय की तरफ से पीएचडी की पांच सीटों का नोटिफिकेशन जारी किया गया था, लेकिन अपने चहेतों को पीएचडी करवाने के लिए 11 लोगों का दाखिला कर दिया गया। सैनी ने कहा कि पीएचडी में कुछ ऐसे लोगों के दाखिल कर दिए गए हैं, जो विश्वविद्यालय में ही नौकरी कर रहे हैं और जिन पर कई प्रकार के गंभीर आरोप लग चुके हैं। सैनी ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस बारे में जब उन्होंने आरटीआई के माध्यम से सूचना मांगी तो उसके बाद से उन्हें कुलपति कार्यालय की तरफ से निरंतर धमकियां दिलवाई जा रही हैं। उन पर दबाव बनाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। विश्वविद्यालय में सिर्फ एक पार्टी विशेष के लोगों के कार्य होते हैं। कुलपति को विद्यार्थियों की पढ़ाई से कोई सरोकार नहीं है। विश्वविद्यालय में सरकारी धन का जमकर दुरुपयोग किया जा रहा है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए तो विश्वविद्यालय के पास ग्रांट है, लेकिन विद्यार्थियों के लिए इंफ्रास्ट्रक्टर पर खर्च करने के लिए कोई ग्रांट नहीं है।
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एक ही परिवार के लोगों को अलाट कर दी पांच दुकानें

रोहन सैनी ने आरोप लगाते हुए कहा कि कुलपति ने एक राजनीतिक पार्टी के व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए एक ही परिवार के लोगों के नाम पर पांच दुकानें अलाट कर दी है। इतना ही नहीं उन दुकानों का 90 हजार रुपये का बिजली का बिल भी माफ कर दिया गया। इससे साफ है कि कुलपति एक ही राजनीतिक पार्टी के लोगों को विश्वविद्यालय की तरफ से लाभ पहुंचाने में लगा हुआ है।

नियमों के अनुसार चल रहे विश्वविद्यालय के कार्य

पीएचडी के दाखिले नियमों के अनुसार किए गए हैं। कहीं किसी प्रकार की कोई धांधली नहीं हुई है। पार्ट टाइम कर्मियों की जो भर्ती की गई है वह भी नियमानुसार की गई है। विश्वविद्यालय परिसर में दुकान कमेटी द्वारा अलाट की गई हैं। कुछ व्यक्ति अपनी राजनीति चमकाने के चक्कर में इस तरह के झूठे आरोप लगाकर विश्वविद्यालय को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं। -डॉ. रणपाल सिंह, कुलपति, सीआरएसयू, जींद।

13जेएनडी51: सीआरएसयू के कुलपति पर गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए एबीवीपी के सदस्य। संवाद

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