जींद। निपुण हरियाणा मिशन के तहत राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद हरियाणा की ओर से फरवरी में फिर से एबीआरसी व बीआरपी की विजिट बढ़ाई गई है। इसमें अब एबीआरसी व बीआरपी को छह स्कूलों में 18 कक्षाओं का निरीक्षण करना होगा। यह निरीक्षण पहली से तीसरी कक्षा के स्कूलों में होगा।
इसके अलावा एबीआरसी व बीआरपी को चौथी व पांचवीं कक्षा के छह स्कूलों की छह विजिट व छठी से आठवीं कक्षा के तीन स्कूलों की नौ कक्षाओं की विजिट करनी होगी। वहीं शिक्षा सहयोगियों को चौथी व पांचवीं कक्षा के दो स्कूलों की चार कक्षाओं व छठी से आठवीं के दो स्कूलों की छह कक्षाओं की विजिट करनी होगी। जनवरी में शीतकालीन अवकाश व गणतंत्र दिवस पर होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर विद्यार्थियों के किए जाने वाले अभ्यास के चलते एबीआरसी व बीआरपी की स्कूल विजिट कम कर दी गई थी। जनवरी में एबीआरसी व बीआरपी को पहली से तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों के चार स्कूल व दस कक्षाएं, चौथी से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों के चार स्कूल व चार कक्षाएं तथा छठी से आठवीं कक्षा के दो स्कूल व छह कक्षाओं का निरीक्षण करने का टारगेट दिया गया था। वहीं सक्षम सहयोगी को चौथी से पांचवीं कक्षा के दो स्कूल व दो कक्षाएं तथा छठी से आठवीं कक्षा के एक स्कूल व तीन कक्षाओं की विजिट पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। अब फरवरी में फिर से पहले की तरह निर्धारित स्कूलों व कक्षाओं की विजिट एबीआरसी व बीआरपी को करनी होगी। अधिकारियों को प्रत्येक माह स्कूल व कक्षाओं की विजिट करनी होती है।
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विजिट में करना होता है मूल्यांकन
इस दौरान कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों का मूल्यांकन करना होता है। अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी तथा कम प्रदर्शन करने वाले छात्रों का तुलनात्मक अवलोकन किया जाता है। यह भी जानने का प्रयास किया जाता है कि किन कारणों से विद्यार्थी कम सीख रहा है। वहीं जो विद्यार्थी अच्छा प्रदर्शन करता है, उसे निपुण विद्यार्थी घोषित किया जाता है।
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फरवरी में पहले की तरह निर्धारित कक्षाओं की करनी होगी विजिट
फरवरी में एबीआरसी व बीआरपी को पहले की तरह निर्धारित कक्षाओं व स्कूलों की विजिट करनी होगी। जनवरी में शीतकालीन अवकाश के चलते एफएलएन मॉनीटरिंग के शेड्यूल में बदलाव किया गया था। एबीआरसी व बीआरपी को जनवरी में कम स्कूलों की विजिट करने के निर्देश दिए गए थे। अब फरवरी में पहले की तरह ही स्कूलों की विजिट होंगी। -राजेश वशिष्ठ, एफएलएन, जिला को-ऑर्डिनेटर।