पत्रकारों से बात करते अभय चौटाला
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इनेलो नेता और एलनाबाद से विधायक अभय चौटाला ने सोशल डिस्टेंसिंग का नियम टूटने के चलते अपने अनाज मंडियों के दौरे रद्द कर दिए हैं।
चौटाला ने कहा कि सरकार को एक सप्ताह का समय दिया जाता है। यदि गेहूं खरीद की व्यवस्थाएं नहीं सुधारी तो किसानों के साथ मिलकर फैसला लेंगे। बुधवार को जींद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अभय चौटाला ने कहा कि जिस प्रकार प्रदेश सरकार ने धान में हुए घोटाले को दबा दिया, ठीक उसी प्रकार गेहूं खरीद में भी घोटाला करने का प्रयास किया जा रहा है। चौटाला ने कहा कि जिस प्रकार से मुख्यमंत्री मनोहर लाल गेहूं खरीद को लेकर बयान देते हैं, इससे लगता है कि उन्हें समझ नहीं है। यदि ऐसा नहीं होता तो किसानों के खाते ऐसे निजी बैंकों में नहीं खुलवाया जाता जिनकी शाखाएं गांवों में नहीं हैं। इसमें पूरी तरह से कमीशनखोरी का खेल है। साथ ही उन्होंने जेजेपी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो सरकार में शामिल पार्टी चौधरी देवीलाल की नीतियों की बात करती है, वह वास्तव में चौधरी देवीलाल के नाखून के बाराबर भी नहीं है। यदि देश में कहीं भी किसानों के साथ कोई ज्यादती हुई तो चौधरी देवीलाल लठ लेकर खड़े हो जाते थे। इसके विपरीत सरकार में शामिल पार्टी के नेता बयान देते हैं कि मजदूर राजस्थान से बुला लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब भी विधानसभा का सत्र होगा, सरकार को घेरा जाएगा। इस मौके पर इनेलो के जिलाध्यक्ष रामफल कुंडू भी मौजूद रहे।