29जेएनडी08: राजकीय पीजी कॉलेज का फोटो। संवाद
जींद। महाविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब नई शिक्षा नीति के तहत अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (एबीसी) आईडी बनवानी अनिवार्य होगी। इस आईडी पर ही विद्यार्थियों की पढ़ाई का हर साल का क्रेडिट अपलोड किया जाएगा। आईडी बनाने के बाद विद्यार्थियों से संबंधित प्रमाणपत्र व डिग्री समेत उसकी प्रोफाइल डिजि लॉकर में अपलोड की जाएगी। इससे पढ़ाई के दौरान या उसके कॉलेज बदलने पर दूसरे महाविद्यालयों में विद्यार्थी का क्रेडिट बदला जा सकेगा।
इस आईडी के बनने से विद्यार्थियों की संपूर्ण जानकारी का एक क्लिक में पता किया जाएगा। इसको दूसरे महाविद्यालयों में भेजना भी आसान होगा। इसमें जमा रिकॉर्ड के माध्यम से विद्यार्थी पढ़ाई छोड़ने के बाद दोबारा भी शुरू कर सकेगा। एबीसी आईडी यूजी व पीजी कोर्स के विद्यार्थियों के लिए लागू होगी। फिलहाल कॉलेजों में रिक्त सीटों पर दाखिला प्रक्रिया चल रही है। 30 अगस्त तक विद्यार्थी फिजिकल काउंसिलिंग के तहत रिक्त सीटों पर दाखिला ले सकते हैं। दाखिला प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी विद्यार्थियों की यह आईडी बनवाई जाएगी, ताकि भविष्य में उनको किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। इस आईडी के बनने से विद्यार्थियों की प्रोफाइल ऑनलाइन होगी। इससे कॉलेजों को भी विद्यार्थियों के बारे में आसानी से जानकारी मिलेगी और अभिभावकों के सामने भी यह जानकारी आसानी से प्रस्तुत की जा सकेगी।
यूजीसी ने की एबीसी को लागू करने की व्यवस्था
महाविद्यालयों में यूजी और पीजी के विद्यार्थियों के लिए एबीसी आईडी की व्यवस्था को यूजीसी ने लागू किया है। इससे विद्यार्थियों की प्रोफाइल की जानकारी एक क्लिक में मिल सकेगी। इसके अलावा कॉलेज बदलने में होने वाली परेशानियों से भी छुटकारा मिलेगा। प्रतिवर्ष का विद्यार्थी का स्कोर इस आईडी पर दर्ज किया जाएगा। -डॉ. सत्यवान मलिक, प्राचार्य, राजकीय पीजी कॉलेज, जींद।
29जेएनडी08: राजकीय पीजी कॉलेज का फोटो। संवाद