04जेएनडी27: कल्याणी आर्या को स्मृति चिन्ह् देकर सम्मानित करते हुए महिलाएं। संवाद
उचाना। खटकड़ गांव में माता चन्दकोर की स्मृति में शनिवार को वैदिक सत्संग का आयोजन हुआ। आर्य जगत के विद्वान संन्यासी एवं भजनोपदेशक पहुंचे। सार्वदेशिक आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय महासचिव युवा सन्यासी स्वामी आदित्यवेश ने कहा कि आर्य समाज का सप्तक्रांति अभियान समाज में फैली समस्त समस्यायों का समाधान है। आर्य समाज की पहल पर प्रारंभ किया गया यह कार्यक्रम समाज के विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के साथ चलाने की योजना है। यह एक न्यूनतम सांझा कार्यक्रम है जिसके आधार पर समाज के संगठन केवल उन मुद्दों पर कार्य करेंगे। जिन पर सभी की सहमति होगी। सप्तक्रांति के मुद्दों से एक नए समाज की स्थापना संभव होगी। इसमें सांप्रदायिकता मुक्त समाज, जातिवाद मुक्त समाज, नारी उत्पीड़न मुक्त समाज, भ्रष्टाचार मुक्त समाज, अंधविस्वास मुक्त समाज, नशा मुक्त समाज तथा शोषण मुक्त समाज हैं।
हिसार से पहुंची प्रसिद्ध भजन उपदेशिका बहन कल्याणी आर्या ने कहा कि कोई व्यक्ति जन्म से नहीं बल्कि अपने कर्म से बड़ा होता है। आज समाज में किसी व्यक्ति को जन्म के आधार पर छोटा बड़ा माना जाता है। उसका परिणाम है समाज का आपसी ताना बाना कमजोर होता जा रहा है। समाज को मजबूत व शसक्त बनाने के लिए कर्मों के आधार पर व्यक्ति का मूल्यांकन होना चाहिए। सार्वदेशिक आर्या युवती परिषद हरियाणा की प्रधान मुकेश आर्या ने कहा कि समाज में फैले जातिवाद, सांप्रदायिकता को एक झटके से खत्म करना पड़ेगा तभी एक आदर्श समाज की स्थापना होगी। आज के समय में जातिवाद व साम्प्रदायिकता देश के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। नशा मुक्ति अभियान के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी रामवेश ने 10 दिसंबर को जींद में आयोजित होने वाले आर्य महासम्मलेन का निमंत्रण दिया। इस अवसर पर भगत सिंह युवा परिषद के अध्यक्ष वीरेंद्र पहलवान, प्रदेश महासचिव अशोक आर्य, सरपंच सतबीर सिंह, राकेश आर्य, अजीत पाल, मांगेराम खटकड़, जेपी खटकड़ मौजूद रहे।