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जिले में पंचायती चुनावों के लिए बनाए जाएंगे 882 बूथ

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जिले में पंचायती चुनाव की घोषणा के साथ ही प्रशासन ने सुरक्षा के प्रबंध करने शुरू कर दिए हैं। जिले में प्रशासन ने संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों की सूची तैयार कर ली है। जिले में कुल 882 बूथ पंचायती चुनावों के लिए बनाए जाएंगे। इनमें से 149 संवेदनशील तथा 224 अति संवेदनशील बूथ बनाए गए हैं। अति संवेदनशील बूथों पर सुरक्षा के अलग से प्रबंध किए जाएंगे। सबसे ज्यादा नरवाना में 61 बूथ अतिसंवेदनशील बूथ बनाए जाएंगे।
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चुनाव आयोग की तरफ से जारी सूची में जींद जिले में होने वाली पंचायती राज संस्थाओं के लिए चुनाव के लिए बूथों की सूची जारी कर दी गई है। जींद के अलेवा ब्लॉक में 72 बूथ बनाए जाएंगे। इनमें से 20 बूथ संवेदनशील तथा 26 बूथ अतिसंवेदनशील घोषित किए हैं। इसी प्रकार जींद ब्लॉक में कुल 171 बूथ बनाए जाएंगे। इनमें से छह संवेदनशील और 36 अति संवेदनशील बूथ बनाए जाएंगे। जुलाना ब्लॉक में 96 बूथ बनाए जाएंगे। इनमें से 17 संवेदनशील और नौ अति संवेदनशील बूथ घोषित किए हैं। नरवाना में 111 बूथ बनाए जाएंगे इनमें से 23 संवेदनशील व 61 अतिसंवेदनशील बूथ बनाए जाएंगे। पिल्लूखेड़ा में 78 बूथ बनाए जाएंगे। इनमें से 30 संवेदनशील तथा 17 अतिसंवेदनशील होंगे। सफीदों में 110 बूथ बनाए जाएंगे इनमें से 13 संवेदनशील व 34 अतिसंवेदनशील रहेंगे। उचाना में 161 बूथ बनाए जाएंगे इनमें से 26 संवेदनशील व 14 अतिसंवेदनशील रहेंगे। उझाना में 83 बूथ होंगे इनमें से 14 संवेदनशील व 27 अतिसंवेदनशील बूथ रहेंगे।
पंचायती चुनावों में आपसी झगड़े की रहती है ज्यादा संभावना
पंचायत स्तर पर जो चुनाव होते हैं वह बहुत ही संवेदनशील होते हैं। इनमें आपसी टकराव की ज्यादा संभावना रहती है। जो लोग सरपंच या पंच के लिए उम्मीदवार होते हैं वह एक-एक वोट का पूरी तरह से अंदाजा लगा लेते हैं कि कौन किसके पक्ष में मतदान करेगा। इससे आपसी टकराव व भाईचारा खराब होने का ज्यादा डर रहता है। पंचायती चुनावों में मतदान का प्रतिशत भी विधायक, सांसद के चुनाव से ज्यादा होता है इसलिए पुलिस इन चुनावों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करती है।
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पंचायती चुनाव आपसी भाईचारे के चुनाव होते हैं। इसमें लोगों को आपसी भाईचारा व सद्भावना बनाने पर जोर देना चाहिए। पंचायती चुनावों में आपसी टकराव नहीं करना चाहिए। सभी को वोट डालने का अधिकार है। यह वोट देने वाले का अधिकार है कि वह किसको वोट दे। पंचायती चुनावों में संवेदनशील व अतिसंवेदनशील बूथों पर सुरक्षा के अलग से इंतजाम किए जाते हैं जिन गांवों में पहले चुनावों में झगड़े हो चुके हैं उनको अति संवेदनशील की श्रेणी में रखा जाता है। इनमें इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में दस से 12 पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती हैं। पुलिस ने सुरक्षा के सभी इंतजाम कर लिए हैं। सुरक्षा के लिए अन्य जिलों से भी इन चुनावों के लिए पुलिस बुलाई जा सकती है। जिले में चुनाव शांतिपूर्वक ढंग से निपटाए जाएंगे।
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-नरेंद्र बिजरानिया, एसपी, जींद।
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