अमर उजाला ब्यूरो
जुलाना। गांव करेला में स्वतंत्रता सेनानी किशन सिंह की पत्नी भरथो देवी का सोमवार को हृदय गति रुकने से निधन हो गया। भरथो देवी 86 साल की थीं। उनके अंतिम संस्कार में गणमान्य लोगों ने भाग लेकर नम आंखों से विदाई दी। भरथो देवी के परिवार में एक लड़की और पांच लड़के हैं। इसके अलावा छह पोते और 11 पोतियां हैं। उनके अंतिम संस्कार में तहसीलदार शिवकुमार सैनी और थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह करेला गांव में पहुंचे। इसके अलावा जिला सैनिक बोर्ड से बलबीर सिंह, पालाराम, कर्म सिंह मौजूद रहे। तहसीलदार शिवकुमार ने कहा कि देश के नागरिकों को स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान करना चाहिए। इन्हीं के बलिदान की बदौलत आज हम आजादी की सांस ले रहे हैं। करेला गांव निवासी किशन सिंह की लगभग 15 साल पहले मृत्यु हो गई थी। किशन सिंह सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज में देश की आजादी के लिए लड़ते हुए चार साल तक जेल में रहे और देश की आजादी के बाद ही जेल से रिहा किया गया था। शिवकुमार ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने अनेक बलिदान और त्याग करके देश को आजादी दिलाई थी। देश के लिए आजाद हिंद फौज में भर्ती होने के लिए उनकी पत्नी ने भी बड़ी कुबार्नी दी थी। स्वतंत्रता सेनानी किशन सिंह के जेल जाने के बाद भी भरथो देवी ने अपने परिवार का अच्छे से गुजर बसर किया। एक बेटे ने फौज में नौकरी की और 11 साल की नौकरी के बाद उनकी बीमारी के चलते मौत हो गई थी। रामकुमार ने बताया कि उनके पिता ने देश के लिए चार साल जेल काटी थी जिसके सदमे के चलते उनकी मां का निधन हो गया था। जेल से आने के बाद उनके पिता ने 38 साल की आयु में दूसरी शादी की जिससे उनके पांच भाई और एक बहन हुई। भरथो देवी के अंतिम संस्कार में ग्रामीणों ने भाग लेकर नम आंखों से उन्हें सलाम किया। पुलिस के सिपाहियों ने बंदूकों के साथ सलामी दी।