बुजुर्गों के पास अनुभव का खजाना:एडीसी
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जिला प्रशासन ने रविवार को डीआरडीए के सभागार में वयोवृद्ध सम्मान दिवस समारोह का आयोजन किया। समारोह में एडीसी धीरेंद्र खड़गटा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत किया। जिले के 80 वर्ष से अधिक आयु के 19 बुजुर्गों को शॉल, कंबल व मिठाई भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर नगराधीश सत्यवान मान, वरिष्ठ नागरिक परिषद की अध्यक्षा जयवंती श्योकंद, डॉ. एके चावला तथा सेवा निवृत्त कर्नल सूबेसिंह ढांडा, इंद्र सिंह भारद्वाज समेत परिषद के सदस्य मौजूद थे। कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण अधिकारी सरोज ने विभाग द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए लागू की जा रही योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में बुजुर्गों की दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन करवाया गया। इसमें सतपाल सिंह पहले स्थान पर रहे, अजायब सिंह चहल दूसरे स्थान पर व कलीराम तीसरे स्थान पर रहे। इसमें रस्सा कस्सी का रोचक मुकाबला हुआ। इसमें जयवंती श्योकंद व एके चावला के नेतृत्व में दो ग्रुप थे। रस्सा कस्सी में जयवंती श्योकंद वाले ग्रुप को पहला व एके चावला वाले ग्रुप को दूसरा स्थान मिला। म्यूजिकल चेयर रेस में संतोष पूनिया प्रथम स्थान पर रही। एडीसी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बुजुर्ग समाज की धरोहर है। इनके पास अनुभवों का खजाना होता है जो समाज को एक नई दिशा देने का कार्य कर सकता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे बुजुर्गो के अनुभवों का फायदा उठाकर अपने सम्मुख आने वाली कठिनाइयों पर सफलता हासिल कर सकते है और समाज को एक नई दिशा देने का कार्य भी कर सकते है। कार्यक्रम में सीनियर सीटीजन जयवंती श्योकंद ने कहा कि भारतीय संस्कृति में बुजुर्गों का सम्मान होता रहा है। आज वृद्धाश्रम बनाने जैसी संस्कृति विकसित हुई है। उन्होंने कहा कि दुनिया के 193 देशों ने यूएनओ में वृद्धों के सम्मान के लिए वृद्ध दिवस मनाने का निर्णय लिया।