02जेएनडी19: नरवाना अनाजमंडी में आया पीआर धान, खरीद नहीं होने के कारण भरी मंडी। संवाद
जींद। सरकार के दावे के अनुसार मंडियों में धान खरीद की फजीहत हो रही है। सरकार के अनुसार पांच दिन पहले ही मंडियों में धान खरीद के निर्देश दिए थे, लेकिन शहर की अनाजमंडी में अब तक एक भी दाना पीआर धान का नहीं खरीदा गया। इसके अलावा नरवाना मंडी में पीआर धान की जिले में सबसे ज्यादा आवक है। जिले की सभी मंडियों में 836 किसानों का 50 हजार क्विंटल धान पहुंचा है। वहां पर भी पांच दिन में 540 क्विंटल धान की ही खरीद हो पाई है।
नरवाना अनाजमंडी में अब तक सबसे ज्यादा 28,870 क्विंटल धान की आवक हो चुकी है, लेकिन किसानों के दबाव और मंडी को ताला जड़ने के बाद एक बार नाममात्र की खरीद शुरू की थी। इसके बाद अब तक 540 क्विंटल की ही खरीद हो पाई। नरवाना मंडी में सबसे ज्यादा किसानों को परेशानी बनी हुई है।
वहीं लगभग एक हजार क्विंटल पीआर धान जींद की अनाजमंडी में आई है। यहां पर एक भी किसान की पीआर धान का दाना नहीं खरीदा गया। इस कारण मंडी में किसान धान डालकर वापस जाने को मजबूर हो रहे हैं। किसानों के लिए पीआर धान इस बार सबसे ज्यादा परेशानी का कारण बना है। किसानों की पीआर धान व बासमती की 1509 वैरायटी एक साथ पकती है। इस कारण किसानों पर काम का दबाव भी ज्यादा होता है। इसके कारण मंडी में बैठकर धान बिकने का इंतजार भी नहीं कर सकते। अलेवा अनाजमंडी में 9670 क्विंटल, धमतान साहिब में 2140, जींद में 1000, मंगलपूर में 170, नगूरां में 440, नरवाना में 2887, पिल्लूखेड़ा में 5650 व सफीदों की मंडी में 3420 क्विंटल धान की आवक हुई है। नरवाना मंडी को छोड़कर किसी भी मंडी में धान की खरीद का कार्य शुरू नहीं हो पाया।
वर्जन
मंडी में लगातार पीआर धान की आवक बढ़ रही है, लेकिन कोई भी खरीद एजेंसी मंडी में धान खरीद के लिए नहीं पहुंच रही। खरीद एजेंसियां मंडी में आने वाली धान में नमी बता रही हैं, लेकिन चार से पांच दिन पहले आई धान में नमी की मात्रा नहीं होने के बाद भी नहीं खरीदी जा रही। धान खरीद शुरू करवाने के लिए अधिकारियों को पत्र भी खिला है। इसके बावजूद भी खरीद शुरू नहीं हो पाई।
-संजीव कुमार मार्केट कमेटी सचिव जींद।