अमर उजाला ब्यूरो
जींद। हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) के प्रधान राजबीर रेढू ने बताया कि मौजूदा सरकार ने एसआरडीबी सर्वे में प्राध्यापकों की ड्यूटी बतौर सुपरवाइजर और प्रंगणक के पद पर लगाई है। सरकार के इस फैसले की प्राध्यापकों में भारी रोष है। स्कूल प्राध्यापक के पास बोर्ड की दो कक्षाओं का वर्क लोड है। शिक्षा विभाग प्रत्येक माह छात्रों का मासिक टेस्ट लिए जाते हैं और उनका मूल्यांकन कर विभाग की साइट पर ऑनलाइन किया जाता है। इस तरह की ड्यूटी से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी। शिक्षकों पर परीक्षा परिणाम और स्कूल के रोज मरा के कार्यों का भारी दबाव होता है। ऐसे में शिक्षक छात्रों की नियमित पढ़ाई कैसे करवा पाएगा। इस सर्वे में कोई मापदंड नहीं है। सरकार से मांग है कि शिक्षकों की ड्यूटी गैर शैक्षणिक कार्यों में न लगाई जाए।
एसआरडीबी सर्वे में प्राध्यापकों की ड्यूटी लगाना गलत : हसला