जींद। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद एवं नेशनल हेल्थ मिशन के संयुक्त तत्वावधान में जिले के राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों के लिए जांच शिविर कारगर साबित हुए हैं। नौ नवंबर से शुरू ये शिविर बुधवार को संपन्न हो गए।
नौ नवंबर को कैंप की शुरूआत अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. साहिल गुप्ता ने की थी। कैंप में नरवाना, जींद, जुलाना, उचाना, पिल्लूखेड़ा, अलेवा, सफीदों खंड के कुल 417 दिव्यांग बच्चों की जांच की गई और 228 बच्चों के दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनाए गए। 29 दिव्यांग बच्चों के बस पास और 103 बच्चों के रियायती रेल पास बनाए गए।
नौ नवंबर से जींद के प्रत्येक खंड से दिव्यांग बच्चों को जिला परियोजना संयोजक कार्यालय में लाया गया और उनकी जांच की गई। कैंप में डॉ. नरेश वर्मा, डॉ. बिजेंद्र, डॉ. संतलाल, डॉ. संकल्प, डॉ. वैशाली, डॉ. रमेश पांचाल ने दिव्यांग बच्चों की जांच की तथा दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किए। अल्मिको कंपनी की ओर से दिव्यांग बच्चों के सहायता के लिए कृत्रिम उपकरणों की सूचि तैयार की गई और सभी विशेष अध्यापकों ने मेडिकल कैंप में दिव्यांग बच्चों का नामांकन तथा चिकित्सा जांच में सहयोग किया।
दिव्यांग बच्चों को एक ही छत के नीचे मिलीं सभी सुविधाएं : वर्मा
जिला परियोजना संयोजक डॉ. सुभाष वर्मा ने बताया कि हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद एवं नेशनल हेल्थ मिशन की ओर से राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों की चिकित्सा जांच के लिए नौ नवंबर से लगातार मेडिकल कैंप लगाए जा रहे थे। हर दिन स्वास्थ्य विभाग से चिकित्सकों की टीम दिव्यांग बच्चों की जांच कर रही थी और उनके दिव्यांगता प्रमाण पत्र, बस पास व रियायती रेल पास बना रही थी। दिव्यांग बच्चों के परिजनों को एक ही छत के नीचे जांच के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध र्हुइं।