जींद। पांचवीं कक्षा तक की वार्षिक परीक्षा के प्रश्नपत्रों के मुद्रण कार्य और परीक्षा मूल्यांकन को लेकर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी को शिक्षा निदेशालय ने पत्र लिखा है। पत्र में मार्च 2024 में पहली से पांचवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन करने की जानकारी दी गई है। इसको लेकर प्रश्न पत्र, उत्तर पुस्तिकाओं के मुद्रण तथा विद्यालय में पहुंच के लिए टेंडर या ई-टेंडर के अलावा अन्य प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी गई है।
पांचवीं तक की वार्षिक परीक्षा के प्रश्नपत्र, उत्तर पुस्तिका को एससीईआरटी की ओर से बनाकर संबंधित जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध करवाया जाएगा। जिले में 424 प्राइमरी स्कूल हैं। इनमें लगभग 38 हजार विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। यह प्राइमरी स्कूल 60 क्लस्टर में कवर होते हैं। हालांकि अभी तक विद्यार्थियों की डेटशीट जारी नहीं हुई है, लेकिन परीक्षा की तैयारी निदेशालय ने शुरू कर दी है। हर क्लस्टर में विषयवार 25 अतिरिक्त प्रश्न पत्र छपवाए जाएंगे, ताकि किसी विद्यालय में प्रश्नपत्र कम रह जाने पर समय पर उपलब्ध करवाए जा सके। सभी कक्षा की सॉफ्ट कॉपी अथवा सुरक्षित ई-माध्यम से सभी संबंधित डीईईओ को या उनकी ओर से अधिकृत किसी अधिकारी या कर्मचारी को सील बंद लिफाफा में उपलब्ध करवाएंगे। डीईईओ सभी प्रश्नपत्रों को जिलास्तर पर छपवा कर विद्यालयों में भिजवाने की व्यवस्था करने, प्रश्न-उत्तर पुस्तिका का मुद्रण उच्च गुणवत्ता वाले कागज पर किया जाना है।
निदेशालय ने निर्देश जारी किए हैं कि सभी खंडों के क्लस्टर की कक्षावार, विषयवार तथा माध्यमवार छात्र संख्या की जानकारी सटीक होनी चाहिए। सभी कक्षा प्रभारी या अध्यापक सभी विद्यार्थियों को डेटशीट कॉपी में लिखवा दें व इसे बच्चों को व्हाट्सएप अथवा किसी ई माध्यम से भेजने का प्रयास करें। इस पर उनको अपने माता-पिता या अभिभावकों के हस्ताक्षर करवाने के लिए भी निर्देश दिए हैं।
पोर्टल पर विद्यार्थियों के अंक किए जाएंगे अपलोड
निदेशालय ने निर्देश जारी किए हैं कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन परीक्षा के दिन ही किया जाना चाहिए तथा संबंधित पोर्टल पर विद्यार्थियों के प्राप्त अंकों को अपलोड किया जाए। 25 फरवरी तक निदेशालय को ऑर्डर की कापी भेज दी जाए। समुचित बजट या फंड की व्यवस्था की गई है, जो डीपीसी के माध्यम से प्राप्त होगा। -विजय लक्ष्मी, जिला शिक्षा अधिकारी, जींद।
18जेएनडी20: विजय लक्ष्मी।