२३जेएनडी24: जिले के एक गांव में कच्ची पड़ी फिरनी। संवाद
जींद। आचार संहिता की वजह से 35 गांवों में फिरनी बनाने का काम नहीं शुरू हो पाया है। अब इन गांवों में आचार संहिता हटने के बाद ही काम शुरू हो पाएगा। जिले में पंचायती राज के माध्यम से 94 गांवों में फिरनी का निर्माण किया जाना है। इनके लिए लगभग 6145 लाख रुपये का बजट जारी किया गया था। इनमें से कई गांवों की फिरनियों को बनाने का काम शुरू हो चुका है, तो कई में काम लंबित है।
जिला पंचायती राज विभाग ने गांवों के सुधार के लिए फिरनियों का निर्माण करवा रहा है। गांवों में इनके बनने से आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी। विभाग आठ गांवों में काम पूरा कर चुका है, जबकि 51 गांवों की फिरनियों पर काम चल रहा है। अभी तक 35 गांव ऐसे हैं, जिनमें काम नहीं शुरू हो पाया है। इनमें से कुछ तो टेंडर की प्रक्रिया में उलझी हैं, तो कुछ के दस्तावेज तैयार करवाए जा रहे हैं। इसमें 21 फिरनी ऐसी हैं, जिनका आचार संहिता के कारण काम अटका है। इसके अलावा तीन गांवों की फिरनी बनाने के लिए टेंडर प्रक्रिया में कोई ठेकेदार ही शामिल नहीं हुआ। इनके लिए टेंडर प्रक्रिया रिकॉल की गई है। आठ फिरनियों के टेंडर टेक्निकल ओपन हुए हैं। इनके वर्क अलॉट करवाए जाने हैं। यह भी आचार संहिता के कारण रुके हुए हैं। इनके अलावा तीन गांवों में फिरनी बनाने के लिए दस्तावेज तैयार हो चुके हैं। पंचायती राज विभाग की तरफ से इन गांवों में फिरनी तैयार करवाने के लिए लगभग सभी तैयारियां पूर्ण हैं, लेकिन आचार संहिता बाधा बनी हुई है।
किस खंड कितनी फिरनी का होना है निर्माण
खंड संख्या
जींद 19
जुलाना 21
नरवाना 15
पिल्लूखेड़ा 08
सफीदों 06
उचाना 17
उझाना 01
अलेवा 05
प्रदेश में आचार संहिता लागू होने के कारण कुछ फिरनियों का कार्य बंद हुआ है। आचार संहिता समाप्त होते ही काम शुरू करवा दिया जाएगा। कुछ फिरनियों पर तकनीकी समस्या है। उनका भी समाधान करवा दिया गया है। लोगों की सुविधा के लिए यह काम जल्द पूरे करवाएं जाएंगे।-पोषण सिंह, एक्सईएन, पंचायती राज, जींद।
२३जेएनडी24: जिले के एक गांव में कच्ची पड़ी फिरनी। संवाद