24जेएनडी19-बस अड्डे पर खड़ी नई रोडवेज बसें, जिनकी पासिंग होने के बाद इन्हें रूटों पर ऑनरूट हो ग
जींद। रोडवेज बेड़े में शामिल 20 नई बसों को सड़क पर उतार दिया गया है। हालांकि अभी इन बसों को अस्थाई नंबर दिए गए हैं और फाॅस्टैग लगने बाकी हैं। फाॅस्टैग लगने तक बसों को हांसी, कैथल, असंध और रोहतक जैसे लोकल रूट पर चलाया जाएगा।
फाॅस्टैग लगने के बाद बसों को दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे लंबे रूट पर भेजा जाएगा। इन 20 बस में से तीन बस नरवाना और तीन बस सफीदों उपकेंद्र में भेजी गई हैं जबकि 14 बस जींद मुख्यालय पर रखी गई हैं। अब जींद डिपो में रोडवेज बसों की संख्या 197 हो गई हैं, जिसमें किलोमीटर स्कीम की 37 बस शामिल हैं। किलोमीटर स्कीम वाली बसों पर चालक परिवहन समिति का आपरेटर और परिचालक रोडवेज कर्मचारी रहता है। वहीं बसों की संख्या को देखते हुए डिपो में चालक व परिचालकों की संख्या कम है। इस समय डिपो में 267 परिचालक व 243 चालक हैं। ओवरटाइम शून्य करने के लिए डिपो में 197 बसों पर 335 चालक व परिचालक की जरूरत है। ऐसे में बसों का संचालन सुचारू रूप से जारी रखने के लिए चालक व परिचालकों को 40 से 90 घंटे प्रतिमाह ओवरटाइम दिया जा रहा है।
रोडवेज डिपो में बसों की संख्या के हिसाब से कर्मचारियों की कमी है। हरियाणा कौशल निगम के तहत चालक व परिचालक की भर्ती की बजाय डिपो में स्थाई भर्ती की जानी चाहिए, जिससे युवाओं को रोजगार भी मिले।
संदीप रंगा, राज्य उपप्रधान, हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ
रोडवेज बेड़े में 20 नई बसें शामिल हुई थी। इन पासिंग होने के बाद इन्हें रूट पर भेज दिया है। फाॅस्टैग लगने के बाद बसों को लंबे रूटों पर रवाना किया जाएगा।
कमलजीत सिंह, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो जींद