जींद। गुरूग्राम की एक कंपनी ने जुलाना अनाज मंडी में आढ़तियों से धान खरीदकर साढ़े 11 करोड़ रुपये का चूना लगाने का मामला सामने आया है। कंपनी ने आढ़तियों से धान खरीदने के बाद पैसे लौटाने से मना कर दिया। पुलिस ने व्यापार मंडल के प्रधान की शिकायत पर कंपनी के 12 सदस्यों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। व्यापार मंडल जुलाना के प्रधान राजपाल ने जुलाना थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2014-15 में धान के सीजन पर अमरी प्योर फूड लिमिटेड कार्यकारी निदेशक राजेश अरोड़ा ने अनाज मंडी में संपर्क किया और बताया कि उनकी कंपनी अच्छी किस्म की धान की खरीद करती है और उससे चावल निकालकर उसे निर्यात किया जाता है। उसने आश्वासन दिया कि उनकी कंपनी द्वारा खरीदे गए धान की पेमेंट 15 दिन के अंदर-अंदर कर दी जाएगी। इस पर अनाज मंडी से आढ़तियों के माध्यम से आठ करोड़ आठ लाख 45 हजार 172 रुपये की धान की खरीद कर ली। जब तय समय के दौरान पैसे की डिमांड की तो जल्द ही पैसे देने की बात कही, लेकिन लगभग दो साल बीत जाने के बाद भी पैसे नहीं लौटाए। इस दौरान कंपनी के नियमानुसार इस राशि पर तीन करोड़ 40 हजार 92 हजार 384 रुपये का ब्याज बनता है। इसलिए कंपनी की तरफ आढ़तियों की 11 करोड़ 49 लाख 37 हजार 556 रुपये की लेनदारी है, लेकिन इस राशि को नहीं लौटाया जा रहा है। अब कंपनी के अधिकारियों से संपर्क किया जाता है वह कोई भी राशि बकाया नहीं होने की बात कहते है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कंपनी के चेयरमैन कर्ण चनाना, डायरेक्टर राधिका, राजेश अरोड़ा, अर्पणा पुरी, श्याम पडौदरा, अनिल कुमार, अनिता, मैनेजर जयप्रकाश शर्मा, फैक्टरी मैनेजर रजत जौरी, अकाउंटेंट एम मिश्रा, मानडाबर, पैडी परचेजर ललित शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।