अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
ग्रामीण क्षेत्र के विकास कार्यों में पांच लाख रुपये से अधिक राशि के कार्यों को ई-टेंडरिंग के माध्यम से करवाने का सरपंच एसोसिएशन ने विरोध किया है। इसके लिए सभी सरपंचों ने मिलकर शनिवार को मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम वीरेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। बीडीपीओ कार्यालय में बैठक की गई। इसमें हलके के सभी सरपंचों ने शिरकत की। बैठक की अध्यक्षता जिला सरपंच एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र राणा ने की। उन्होंने बताया कि सरकार ने निर्माण सामग्री के रेट जो तय किए हैं, वे बाजार भाव से काफी कम हैं। इससे निर्माण सामग्री खरीदने में दिक्कतें आ रही है। कम भाव में निर्माण सामग्री ना मिलने से गांवों के कार्यों को रोकना पड़ रहा है। इसलिए सरकार को निर्माण सामग्री के भाव बाजार के हिसाब से तय करने चाहिए, जिससे सामग्री आसानी से ली जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार की बनाई गई नई नीति से गांव के विकास कार्यों में पंचायतों को बांधने की कोशिश की गई है। पांच लाख रुपये से ऊपर के कार्यों को लेकर बनाई गई पॉलिसी से कार्यों में बाधा आएगी। उन्होंने कहा कि जिले के सरपंचों ने विरोध किया है। सरकार को दोनों मुद्दों पर पुनर्विचार करने की जरूरत है, ताकि प्रदेश की पंचायतें स्वतंत्र हो कर कार्य कर सकें।
ई-टेंडरिंग के विरोध में सरपंच, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन