जींद रियासत के राजा रणबीर की तरह न्यायकारी और जनता के शुभचिंतक शासक का खुंगा के लोगों को आज भी इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जींद से लगभग दस किलोमीटर दूर स्थित खुंगा कोठी गांव में जींद रियासत के राजा की आज भी कोठी है। यह कोठी इस गांव की शान तो है, लेकिन इन ग्रामीणों को आज भी दर्द है कि वह उस क्षेत्र में बसे हैं। जहां से रियासत चलती थी। जींद का राजा दयालु और सामाजिक प्रवृति का बताया जाता है। खुंगा गांव को बसने और खेती करने के लिए राजा ने ही जमीन लोगों को दान में दी थी। इसके बाद जींद रियासत का राजा खुंगा गांव में बचपन में ग्रामीणों के साथ खूब खेलता कदता था। आज की राजनीतिक हालात बिल्कुल विपरीत बने हुए हैं। वर्तमान के शासक शायद ही कभी आते हैं और वह भी अपने वोट के चक्कर में। लोगों की खैर खबर लेने के लिए शायद आज के राजाओं पर समय नहीं होता। जब गांव में कोई बड़ा नेता आता है तो वह कुछ समय के लिए लोगों के बीच भाषण बाजी करके चला जाता है और अपने पक्ष में वोट की अपील के अतिरिक्त नेताओं का कोई दूसरा स्वार्थ नहीं होता। यह बात गांव खुंगा कोठी के बुजुर्ग महासिंह, मंगल सिंह, सूरजभान नैहरा और कृष्ण ने कही। महा सिंह ने कहा की वह राजा रणबीर के साथ बचपन में खुब खेला है। वह न्यायकारी और आमजन के शुभ चिंतक थे। आज के नेताओं में वैसी बात नहीं है। जैसी उन्होंने अपने साथे खेले कु दे राजा रणबीर में दिखती हैं। खुंगा कोठी का किला आज भी दिल्ली और चंडीगढ़ में राजनेताओं की कोठियों से अच्छा लगता है। वह गांव की शान है। खुंगा गांव में वोट की अपील करने के लिए आज के सभी बड़े नेता पहुंच चुके हैं। किसी भी नेता ने कोठी पर जाकर इस रियासत के बारे में कभी जानकारी हासिल करने के लिए नहीं पहुंचे। गांव में जब कोई राजनेता आता है तो उनको राजा रणबीर के राजपाट की याद आती है। हालांकि जींद रियासत के राजा की दूसरी कोठी अमरहेड़ी में आज भी है। जिसमें रानी इंद्रजीत कौर रहती है। खुंगा की इस कोठी पर अब प्रशासन का कब्जा है।