उचाना। हमेशा अपनी बेबाक शैली के लिए चर्चा में रहने वाले केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने भौंगरा गांव में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कई लोग कांग्रेस की टिकट के लिए भागदौड़ कर रहे हैं, लेकिन यह टिकट वे ही किसी को दिलाएंगे। गौरतलब है कि उचाना कलां विधानसभा सीट से बीरेंद्र सिंह खुद चुनाव लड़ते रहे हैं और फिलहाल उनकी पत्नी प्रेमलता वहां से विधायक हैं। बीरेंद्र सिंह के नजदीकी कुछ लोग भाजपा छोड़कर कांग्रेस में जा चुके हैं। ऐसे लोगों को संबोधित करते हुए बीरेंद्र सिंह ने साफ संकेत दिया है कि वे भले ही कांग्रेस में नहीं हैं, लेकिन वहां उनकी पूरी पैठ है। बीरेंद्र सिंह लोकसभा चुनाव के बाद ही भाजपा में शामिल हो गए थे। हालांकि उनकी पत्नी प्रेमलता पहले ही भाजपा ज्वाइन कर गई थी। बीरेंद्र सिंह कांग्रेस में काफी महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। पार्टी के महासचिव होने के साथ-साथ वे कई राज्यों के प्रभारी भी रहे हैं। ऐसा बयान देकर उन्होंने उचाना कलां विधानसभा क्षेत्र में नई राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश की राजनीति में जब भी उन्होंने अपने क्षेत्र की पकड़ बनानी शुरू की तो उनके राजनीतिक साथियों ने राजनीतिक षड्यंत्र रचे। 2009 में हलके से इनेलो की तरफ से ओमप्रकाश चौटाला ने चुनाव नहीं लड़ा, बल्कि उनके लोगों ने यहां के लोग खुद चौटाला के पास गए और कहा कि बीरेंद्र सिंह हमारे से नहीं हारेगा आप लड़ो उचाना से। गौरतलब है कि बीरेंद्र सिंह इस चुनाव में ओमप्रकाश चौटाला से करीब 700 मतों से हार गए थे। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि सरकारी नौकरियों में रिटायरमेंट हो जाती है, लेकिन राजनीति में रिटायरमेंट नहीं होती। लोगों के साथ से ही उन्हें राजनीतिक ताकत मिली है। हरियाणा का एक साल का जितना बजट होता है उतना तो हमारे एक स्टील के प्लांट की बिक्री होती है। ऐसे नौ स्टील प्लांट है। इससे बीरेंद्र सिंह ने अपनी अहमियत लोगों को बताई। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि देश की कैबिनेट में मंत्री बनना कोई छोटी बात नहीं है। केंद्र में 27 मंत्री हैं जिनमें वह शामिल हैं। केंद्र में अब से पहले चौधरी देवीलाल, बंसीलाल, भजनलाल, राव वीरेंद्र सिंह मंत्री रहे हैं। यह चारों बड़े मंत्री तब बने केंद्र में जब यह पहले सीएम रह चुके थे। प्रदेश के पचास साल के इतिहास में बिना सीएम बने कोई केंद्र में मंत्री बना है तो वह बीरेंद्र सिंह है।