संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। चंडीगढ़ विधानसभा में लिपिक पद पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर 11 लाख 17 हजार हड़पने के मामले में शहर थाना नरवाना पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
भगत सिंह कॉलोनी निवासी सोनू ने शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह निजी स्कूल में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत है। उसकी पत्नी अन्नू बीएड है। पड़ोस में रहने वाले चिरंजीलाल ने कहा कि उसका बेटा योगेश जीआरपी में सब इंस्पेक्टर है। पूर्व में गृह मंत्रालय रेलवे तथा कोर्ट में भी सरकारी नौकरी कर चुका है। योगेश की बड़े अधिकारियों के साथ जान पहचान है। विधानसभा चंडीगढ़ में लिपिक की भर्ती निकली हुई है। वह उसकी पत्नी अन्नू को वहां नौकरी लगवा देगा। इसके लिए उसने 11 लाख रुपये मांगे। हालांकि उस दौरान फार्म जमा करने की तारीख जा चुकी थी। योगेश ने ऑफलाइन फार्म भरकर उसे सबमिट करवाने का आश्वासन दिया। व्हाट्सएप के माध्यम से जरूरी दस्तावेज योगेश के पास भेज दिए गए। 22 जुलाई 2021 को एक लाख रुपये तथा 27 जुलाई 2021 को नौ लाख नकद दे दिए गए। बकाया एक लाख रुपये सितंबर माह में दे दिए गए, जिसके बाद योगेश ने उसे बताया कि वह उसके काम के लिए चंडीगढ़ गया हुआ है। इसलिए दो हजार फोन पे के माध्यम से भेजे गए। 31 जनवरी 2022 को 15 हजार गूगल-पे के माध्यम से भेजे गए। योगेश ने बताया कि पद के लिए कोई टेस्ट नहीं होगा। केवल मेरिट लिस्ट लगेगी, जिसमें वह अनु का नाम एडजेस्ट करवा देगा। बावजूद इसके लंबे समय तक लिस्ट नहीं आई। जब उसने राशि वापस मांगी तो कुछ समय इंतजार करने के लिए कहता रहा। उसके बाद चिरंजीलाल परिवार नरवाना को छोड़ कर बाहर चला गया। जब दबाव बढ़ाया तो चिरंजीलाल ने उसे 11 लाख रुपये का चेक दे दिया जो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। जांच अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि पुलिस ने सोनू की शिकायत पर योगेश, उसके पिता चिरंजीलाल, मां संतोष, भाई अमन के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।