नाबालिग लड़की की शादी होने से रुकवाई
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जिले के बुटानी गांव में मंगलवार देर रात को बाल विवाह का एक मामला सामने आया है। इसमें दसवीं कक्षा की 16 वर्षीय छात्रा शादी के बंधन में बंधने जा रही थी। हालांकि लड़की की परीक्षा भी साथ ही चली हुई थी। मंगलवार को परीक्षा नहीं होने के चलते छुट्टी के दिन शादी तय की गई थी, जबकि बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय की सतर्कता से नाबालिग शादी को रुकवा दिया गया। जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सुनीता शर्मा के निर्देश में सहायक बाल विवाह निषेध अधिकारी रवि लोहान ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर शादी के बंधन में बधंने जा रहे कम उम्र के जोड़े को रोका। बाल विवाह निषेध टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों की उम्र संबंधित प्रमाण पत्र जांचे तो दूल्हे व दुल्हन की आयु कम मिली। इसके बाद दोनों परिजनों ने शादी को स्थगित कर दिया। मंगलवार को जिस 10वीं कक्षा की लड़की की शादी होने जा रही थी। शादी रुकवाने के बाद बुधवार को उसने अपनी दसवीं कक्षा की परीक्षा भी दी। बाल विवाह निषेध टीम ने बताया कि चाइल्ड हेल्पलाइन से सूचना मिली थी कि जिले के बुटानी गांव में एक नाबालिग लड़की की शादी उसकी बड़ी बहन के साथ गुप्त तरीके से हो रही है और बड़ी लड़की की विदाई हो चुकी है व दूसरी लड़की की बारात गांव बाबरा जिला झज्जर से आ चुकी है। इसमें छोटी लड़की नाबालिग हैं और फेरे होने वाले हैं। इस पर कार्रवाई करते हुए सहायक बाल विवाह निषेध अधिकारी रवि लोहान, एएसआई राजबीर सिंह, महिला कांस्टेबल रेनू, एसपीओ सुरेश कुमार तुरंत मौके पर हो रहे विवाह स्थल पर पहुंचे। इस पर लड़की के परिवार वालों से छोटी लड़की के जन्म से संबंधित कागजात मांगे तो परिजनों ने जो सबूत दिखाए उसमें लड़की की आयु 16 वर्ष मिली और वह दसवीं कक्षा की छात्रा मिली। इसके बाद टीम ने शादी करने आए लड़के के जन्म से संबंधित कागजात मांगे तो बाबरा गांव से आई बारात में भी हड़कंप मच गया। कागजात दिखाने पर दूल्हे की उम्र भी 21 वर्ष से कम मिली। इस पर परिजनों ने बताया कि लड़की के पिता की मौत हो चुकी है और मां भी बीमार रहती है। इसलिए खर्चा बचाने के लिए ही बड़ी लड़की के साथ ही छोटी लड़की की शादी कर रहे थे। इस पर परिजनों को समझाया गया कि दोनों बच्चे अभी नाबालिग है। इसलिए आप उनके बालिग होने तक का इंतजार करें ताकि कोई कानूनी अड़चन न आए।