जींद। करनाल में आठ अक्तूबर को होने वाली ललकार रैली में जिले से 1100 आशा वर्कर करनाल पहुंचकर मुख्यमंत्री को ललकारने का काम करेंगी। यह बात लघु सचिवालय पर चल रहे धरने की अध्यक्षता कर रही आशा वर्कर मुकेश अलेवा ने कहीं। इसके बाद लघु सचिवालय के बाहर आशा वर्कर ने सरकार का पुतला जलाया।
मुकेश अलेवा ने कहा कि सरकार ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दिया था लेकिन आज बेटियां सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं। ऐसा कोई दिन नहीं जिस दिन बेटियों के साथ हो रही बलात्कार या छेडख़ानी की घटना न होती हो। प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री की पार्टी के सांसद, मंत्री बेटियों का उत्पीडऩ करते हैं, लेकिन मोदी व खट्टर मंत्रियों व सांसदों के खिलाफ कोई कार्रवाई करने की बजाए पीडि़त महिलाओं, खिलाडिय़ों, जूनियर कोच को ही धमकाने का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि आशा वर्कर 8 अगस्त को तीन दिन की हड़ताल पर बैठी थी और सरकार से अपनी मांगों का समाधान चाहती थी, लेकिन सरकार ने 45 दिन तक कोई प्रतिक्रिया आशा वर्करों को नहीं दी। आशा वर्कर बिना मांगों के समाधान के उठने वाली नहीं है। सीटू व खेत मजदूर यूनियन के आह्वान पर आठ अक्तूबर को करनाल में होने वाली मजदूर ललकार रैली में जिले के शत प्रतिशत आशा वर्कर्स भाग लेंगी और जब तक मांगों का नोटिफि केशन जारी नहीं होता तब तक गांव और शहर की कालोनियों में सरकार के खिलाफ मशाल जुलूस के कार्यक्रम जारी रहेंगे।