बेरी। राम-जानकी मंदिर में मध्यकाल में स्थापित मराठा साम्राज्य की नींव डालने वाले छत्रपति शिवाजी की जयंती मनाई गई और उपस्थित युवाओं ने उनके चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की।
उपस्थित युवाओं ने छत्रपति शिवाजी के जीवन पर चर्चा की और उनके जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं व घटनाओं जैसे मुगलों को चुनौती देना, उन द्वारा प्रयुक्त छापामार पद्धति, उन द्वारा बीजापुर के कमांडर अफजल खान का वध, आगरा के किले की कैद से औरंगजेब को चकमा देकर फरार होना जैसी बातें शामिल थी। कार्यक्रम में मौजूद दिनेश कुमार ने बताया कि कोई बालक शिवाजी तभी बन सकता है, जब मां जीजाबाई जैसी हो। छत्रपति शिवाजी ने तत्कालीन मुगल साम्राज्य की चूलें हिला दी और हिंदू पद-पातशाही की स्थापना का आदर्श दिया। मराठा साम्राज्य की उनकी द्वारा डाली गई। नींव को उनके अष्ठ-प्रधानों के प्रमुख पेशवाओं ने आने वाले समय में अपने चरम तक पहुंचाया और इसे तत्कालीन भारत की सबसे बड़ी शक्ति बना दिया। इस कार्यक्रम में मोहित वर्मा, कुशल अग्रवाल, नितिन बंसल, राहुल तथा सचिन चौहान मौजूद रहे। संवाद