बहादुरगढ़। शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जन्मदिन को ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन से जुड़े छात्रों ने मांडौठी गांव में श्रद्धा के साथ मनाया। इस अवसर पर छात्र भारत ने बताया कि जिन आदर्शों व विचारों को लेकर शहीद-ए-आजम भगत सिंह ने अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया था, उनका सपना आज भी अधूरा है। कॉरपोरेट हितैषी निजीकरण की नीतियों ने अंग्रेजी राज से भी बुरी अवस्था में मेहनतकश अवाम को धकेल दिया है।
जिला कमेटी के सदस्य भारत ने कहा कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जीवन संघर्ष से आज भी हमें जुल्म अन्याय के खिलाफ लड़ने की सीख मिलती है। उनका सपना खाली अंग्रेजों को भगाना नहीं था, वे एक ऐसा समाजवादी समाज बनाना चाहते थे जिसमें जनता का शोषण न हो। बेरोजगारी, महंगाई न हो, सबको शिक्षा, इलाज मिले, सबको इंसान की तरह जीने का मौका मिले। लेकिन हमारे देश से अंग्रेज तो चले गए और जाते समय सत्ता यानी शोषण की मशीन को यहां के पूंजीपतियों को सौंप गए। यही कारण है कि इन 75 सालों में जितनी भी सरकारें आई और गई उन्होंने ऐसी नीतियां बनाई, जिनसे अमीर और अमीर तथा गरीब और गरीब होता गया। बढ़ती महंगाई बेरोजगारी के कारण आम जनता का गुजारा करना मुश्किल हो रहा है, महिलाओं पर आए दिन जुल्म अत्याचार बढ़ रहे हैं। भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है, जनता की गाढ़ी कमाई से बने विभागों को कौड़ियों के भाव में कॉरपोरेट घरानों को बेचा जा रहा है। सरकारी स्कूलों को बंद किया जा रहा है तथा शिक्षा का निजीकरण करके हम गरीब किसान तथा भूमिहीन ग्रामीणों की पहुंच से दूर किया जा रहा है। इन हालात में शहीद-ए-आजम भगत सिंह के दिखाए रास्ते पर हम मेहनतकशों को चलना होगा इस अवसर पर अनिल, अंकित, देवराज, विनीत व सुनील उपस्थित रहे।