झज्जर। सड़क दुर्घटना व बड़ी घटना होने पर सबसे पहले घायल मरीज को रक्त की जरूरत पड़ती है। रक्त को बनाया भी नहीं जा सकता, इसलिए एक व्यक्ति को दूसरे की जान बचाने के लिए रक्त का दान करना पड़ता है। मानवता के इस महादान को लेकर पिछले चार साल से इंडेप्टथ विजन फाउंडेशन संस्था काम कर रही है। फाउंडेशन की तरफ से पिछले चार साल से 48 रक्तदान शिविर लगाए जा चुके हैं और अब तक 5 हजार यूनिट से ज्यादा रक्त एकत्रित कर विभिन्न ब्लड बैंकों में पहुंचा चुके हैं।
फाउंडेशन की शुरुआत 2021 में विकास कौशिक ने की थी। उनका कहना है कि परिवार में कैंसर की वजह से किसी सदस्य को रक्त की जरूरत पड़ी थी। उस समय परिवार के सदस्यों को बार-बार रक्त एकत्रित करने के लिए प्रयास करने पड़े। तब जाकर सोचा कि ऐसा काम किया जाए कि जरूरतमंद को रक्त के लिए ज्यादा न घूमना पड़े। इसी के चलते खास तौर पर कैंसर पीड़ितों के लिए रक्त एकत्रित करने के लिए रक्तदान शिविर लगाने की मुहिम शुरू की गई। इसी का नतीजा है अब हर माह एक या दो रक्तदान शिविर लगाए जाते हैं, इसमें काफी संख्या में युवा रक्तदान के लिए पहुंचते हैं।
बना रखे अलग-अलग ग्रुप
फाउंडेशन की तरफ से रक्त ग्रुप के हिसाब से अलग-अलग ग्रुप बनाए हैं, इसमें उन लोगों को जोड़ा गया है, जिस ग्रुप का रक्त उनके शरीर में है। यानी ओ पॉजिटिव, बी पॉजिटिव करके ग्रुप बनाए गए हैं। इन ग्रुपों में ही यदि किसी को आपात स्थिति में रक्त की आवश्यकता पड़ती है तो मैसेज छोड़ दिया जाता है। मैसेज पढ़कर सदस्य खुद उक्त स्थान पर जाकर रक्तदान कर जान बचाने का काम करता है।
24 साल से रक्तदान कर रहे विनोद
शिक्षक विनोद कुमार पिछले 24 साल से रक्तदान कर रहे हैं। वह करनाल में थे तो वहीं से रक्तदान की मुहिम से जुड़े। अब झज्जर में पिछले दो साल से रक्तदान की मुहिम से जुड़े हैं। पिछले साल चार बार रक्तदान किया। इस साल अब तक दो बार रक्तदान कर चुके हैं। उनका कहना है कि हम मानवता के लिए ज्यादा कुछ नहीं कर पाते, इसलिए रक्तदान कर मानवता का सहयोग किया जा सकता है। इसलिए वह इस मुहिम से जुड़े हैं। उनको रक्तदान कर खुशी होती है, क्योंकि इससे किसी की जान बच जाती है।