झज्जर। एक दौर था जब महिलाओं को घर की चाहर दीवारी तक सीमित रखा जाता था। बेटियों को पढ़ाई के लिए बाहर भेजने से अभिभावक कतराते थे, लेकिन समय के साथ लोगों की सोच में भी बदलाव आया है। बेटियां पढ़ रही हैं और आगे बढ़ रही हैं। हर क्षेत्र में नारी शक्ति पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बुलंदियां छू रही हैं। यही वजह है कि जिला प्रशासन के अलावा जिले के बड़े विभागों की कमान नारी शक्ति के हाथ में है और अपनी जिम्मेदारी को ये बखूबी निभा रहीं हैं।
अतिरिक्त उपायुक्त सलोनी शर्मा प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से संचालित कर रही है। परिवार पहचान पत्र अपडेट और उनकी त्रुटियां दूर कराने के लिए उन्होंने बखूबी काम किया। जिला परिषद की कमान डॉक्टर सुबीता ढाका संभाल रही है। उनपर पर पूरे जिले की ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी है। महिला एंव बाल विकास विभाग की जिला परियोजना अधिकारी उर्मिल सिवाच संभाले हैं। पेंशन आदि की देखरेख करने वाले जिला कल्याण विभाग की जिम्मेदारी भी नारी शक्ति श्वेता शर्मा के हाथ में है। जिले के पंचायत कार्य की जिम्मेदारी संभाल ललिता वर्मा संभाल रहीं हैं।
हिलाओं की स्थिति मजबूत करने और उन्हें समाज के हर क्षेत्र में पुरुषों के समान अधिकार व सम्मान दिलाने के उद्देश्य से हर साल 26 अगस्त को महिला समानता दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इस मौके पर महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक किया जाता है। हालांकि इसे मनाने की शुरुआत अमेरिका में हुई थी, लेकिन अब भारत समेत कई देश महिला समानता दिवस को मनाते हैं। भारतीय महिलाओं की स्थिति दुनिया के कुछ देशों की तुलना में काफी बेहतर है। वर्तमान में भारतीय महिलाएं शिक्षा, कार्यालय का कामकाज और देश की सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। भारत के कानून और संविधान ने महिलाओं को कुछ अधिकार दिए गए हैं।
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-प्रशानिक अधिकारी महिलाओं की प्रतिक्रियाएं
यदि हिम्मत और हौसला हो तो कोई काम मुश्किल नही होता। महिलाओं से ये साबित करके दिखाया है। झज्जर जिले में महिलाओं के प्रति लोगों की सोच बदली है। यहां की बेटियां हर क्षेत्र में आगे हैं। खेल में तो उन्होंने बुलंदियों के झंडे गाड़े हैं। देश को तमगे दिलाएं हैं। मैं महिला समानता दिवस पर सभी महिलाओं से अपील करती हूं कि वह अपने अधिकारों और कर्तव्यों को पहचाने। खूब पढ़े,आगे बढ़े।
सलोनी शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त, झज्जर।
समय बदल रहा है। महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के सामन हैं। कोई क्षेत्र ऐसा नहीं है जहां वे पुरुषों के बराबर न हों। यही वजह है कि लोगों की सोच बदल रही हैं। वे बेटियों को बाहर भेजते हैं। अच्छा पढ़ाते हैं। महिलाओं को हर क्षेत्र में समान अधिकार है।
डॉ सुभिता ढ़ाका, सीईओ झज्जर।
आज की महिला बहुत ही सशक्त और आधुनिक विचारों वाली महिला है। महिलाएं कभी भी किसी से कम नहीं रही। बस महिलाओं को मौका मिलना चाहिए। वह अपने आप को साबित कर सकती हैं ।
ललिता वर्मा डीडीपीओ, झज्जर।
इस मौके पर वे महिलाओं को यही कहना चाहती हैं कि वे आगे बढ़े और पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर हर क्षेत्र में कम करें। कोई भी परेशानी आती है तो उसका निडरता के साथ सामना करें घबराएं नहीं। सरकार महिला अधिकारों के लिए भी बहुत काम कर रही है।
उर्मिल सिवाच, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी
मौजूदा सरकार बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही हैपुरानी मानसिकता को आधुनिक विचारों के लोगों ने खत्म करने का काम किया है इसलिए महिलाएं लगातार आगे बढ़कर हर क्षेत्र में अपना बेहतरीन कर रही है।
श्वेता शर्मा,जिला कल्याण अधिकारी