साल्हावास। हर घर नल से जल योजना के लिए विभाग व सरकार के लंबे चौड़े दावे गांव बिरोहड में फेल होते हुए नजर आ रहे हैं। आजादी के 77 साल बीत जाने पर भी गांव बिरोहड में कुछ गालियां ऐसी हैं, जहां पर आज भी लोगों को शुद्ध पेयजल पीने के लिए नहीं मिल रहा है। यहां तक कि कुछ गलियों में पेयजल की लाइन तक नहीं बिछाई गई है।
रामशरण पाना, कुभावा पाना, कलराण पाना के लोगों को आज भी पेयजल किल्लत के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी की कमी से ग्रामीणों को दूर दराज से पानी लाना पड़ रहा है।
गांव की कुछ गलियों में निजी लोगों द्वारा पेयजल लाइन डाली हुई है, इसकी एवज में प्रत्येक घर से प्रति महीने 500 रुपये लिए जाते हैं। इसके लिए लोगों को न चाह कर भी अपनी जेब ढीली करके पानी महंगे दामों में पानी खरीद कर काम चलाना पड़ रहा है। निजी पेयजल लाइन से भी अब लोगों की आपूर्ति नहीं हो रही है। पर्याप्त पेयजल न मिलने के कारण लोगों का जनस्वास्थ्य विभाग के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
रविवार को बिरोहड गांव की महिलाओं ने खाली बर्तन लेकर गांव की गलियों में विरोध प्रदर्शन किया। महिला सुनीता, संतोष, सुमित, सुमन, मोनिका, गायत्री, उर्मिला, आशा, सोनिया, पूजा, रोशनी, नीनू, बिमला ने कहा कि उनके क्षेत्र में पानी की समस्या काफी दिनों से बनी हुई है और अधिकारियों को इस बारे में कई बार अवगत करवा चुके हैं।
मगर अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती। अधिकारी हर बार झूठा आश्वासन देकर चले जाते हैं। महिलाओं ने कहा कि उन्हें निजी खर्च पर पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं।