कर्मचारियों के साथ काम में जुटी रिंकी कपूर।
बहादुरगढ़। कहते हैं ना, मन में कुछ कर गुजरने की इच्छा शक्ति हो तो मुश्किल काम भी आसान हो जाते हैं। इसी तरह की कहानी है शहर के मोहन नगर की रहने वाली महिला रिंकी की। महिला ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते समय एलईडी लाइट बनाने का सपना देखा और कुछ ही वर्षों में इसे अपने दम पर हकीकत में बदल दिया। महिला रिंकी ने 12 लाख के पैकेज की नौकरी छोड़कर एक स्टार्टअप शुरू किया और अब कामयाबी का शिखर छू रही हैं। अब उनके साथ न केवल पुरुष कर्मचारी, बल्कि कई महिला कर्मचारी भी काम करती हैं।
झज्जर रोड स्थित मोहन नगर में रहने वाली रिंकी ने एलईडी लाइट बनाने की फैक्टरी लगाने के लिए 12 लाख रुपये के वार्षिक पैकेज की नौकरी छोड़ी थी और पांच साल पहले उन्होंने 10 लाख रुपये की लागत से यह स्टार्टअप शुरू किया था। एक वक्त था, जब उन्होंने तीन-चार कर्मचारियों के साथ मिलकर फैक्टरी लगाकर खुद लाइट असेंबल करवाई। अब रिंकी परिवार को संभालने के साथ 18 लोगों को रोजगार भी दे रही हैं। उनकी फैक्टरी में बनाई गई घरेलू व औद्योगिक एलईडी लाइट नामी-गिरामी कंपनियों को भी मात दे रही हैं। रिंकी के पति मुनीष कुमार मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करते हैं।
फैक्टरी के उत्पादन से लेकर मार्केटिंग खुद संभालती हैं रिंकी
फैक्टरी के उत्पादन से लेकर मार्केटिंग तक का सारा काम खुद ही रिंकी संभालती हैं। रिंकी ने बताया कि उन्होने वर्ष 2014 में मुरथल यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स में बीटेक करने के बाद कुंडली की एक कंपनी में 12 लाख रुपये के वार्षिक पैकेज पर इंजीनियर की नौकरी की। रिंकी ने यहां पर करीब चार साल नौकरी की। इसके बाद वर्ष 2018 में रिंकी ने नांगलोई में एलईडी लाइट बनाने का प्लांट चालू किया। पिछले कई वर्षों से वह अपने काम को और आगे बढ़ाने में जुटी हुई हैं।
मानेसर, कुंडली समेत कई क्षेत्रों में है एलईडी लाइट की मांग
रिंकी का कहना है कि देखते ही देखते कुछ ही वर्षों में उनकी ओर से बनाई गई घरेलू व औद्योगिक एलईडी लाइट की बाजार में काफी मांग है। उन्होंने अपने उत्पाद को गलिट-अप के नाम से पंजीकृत कराया। मानेसर, कुंडली, राई, बहादुरगढ़ समेत कई क्षेत्रों में उनकी एलईडी लाइट की मांग है। गणपति धाम की उद्योगपति अपूर्वा, नवीन मल्होत्रा और वीके जैन ने बताया कि रिंकी कपूर अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।