झज्जर। सिद्ध श्री 108 बाबा कांशी गिरि महाराज मंदिर में श्री गणेश महोत्सव के सांतवें दिन रात्रि गणेश वंदना के साथ भजन संध्या का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने एकादशी का व्रत रख भगवान विष्णु की पूजा कर घर-परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
पंडित पवन कौशिक ने कहा कि गणेश जी को सभी देवी देवताओं में सबसे अधिक धैर्यवान माना गया है। महर्षि वेदव्यास के कहने पर गणेशजी ने सरल भाषा में महाभारत में लिखा था। गणेश भगवान लेखक भी हैं। हिंदी दिवस पर उन्हें नमन कर कार्यक्रम आरंभ किया। सुधांशु हंस ने बताया कि भजन संध्या कार्यक्रम में लक्ष्य वर्मा, भारत भूषण, संजय मक्कड़, नयन हंस, राजेंद्र वधवा, भारत भूषण नन्दा, देवेश शर्मा, लक्ष्य वर्मा ने नाम मेरी राधा का जिस जिस ने गाया है,बांके बिहारी ने उसे अपना बनाया है।
संजय मक्कड़ ने देना हो तो दीजिए जन्म-जन्म का साथ, राजेंद्र वधवा ने करता रहूं गुणगान मुझे दो ऐसा वरदान..योगेश रंजन ने भजन लाज रख ले तू मुरली वालेया, घिरी गौ अज्ज शेरा विचकार वे..भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर प्रधान हिमांशु हंस, भवित वर्मा, सक्ष्म वर्मा, मुलतान सभा के प्रधान प्रवीण सुखीजा, ऊमंग खुराना, जगदीश रंजन, सुभाष वर्मा, सुरेंद्र-प्रवीण वर्मा, डॉ. धर्मराज यादव, पदम् खट्टर, पंकज भारद्वाज, विकास नरुला, भावना काठपालिया, संतोष हंस, केवल अघि, विशन वधवा, हर्ष चावला मौजूद रहे।