झज्जर। स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद ने डेंगू और मलेरिया के केस आने के बाद इसे फैलने से रोकने के लिए कमर कस ली है। डेंगू से निपटने के लिए नगर परिषद ने शहर के उन मोहल्लों में फॉगिंग करवाई है, जहां केस मिले थे। अन्य क्षेत्रों में फॉगिंग नहीं करवाई जा रही। यही नहीं 46 गांवों में फॉगिंग की मशीन खराब पड़ी हुई हैं।
शहर में डेंगू के मरीज आने के बाद नगर परिषद ने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर शहर के उन मोहल्लों में फॉगिंग करवाई है, जहां से डेंगू के केस मिले है ताकि मच्छरों काे पनपने से रोका जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने भी शहर के कई मोहल्लों में अभियान चलाकर एंटी लार्वा एक्टिविटी चलाई।
लोगों को अपने घरों में पानी इकट्ठा न होने देने की सलाह दी और आसपास साफ-सफाई के लिए लोगों को जागरूक किया। वहीं शहरों की तरह स्वास्थ्य विभाग के आग्रह पर अब तक करीब 50 गांवों में फॉगिंग करवाई गई है, जिसमें अभी तक 73 लीटर दवाई का प्रयोग किया गया है।
अभी भी विभाग के पास करीब 225 लीटर दवा है, जिसका प्रयोग आने वाले समय में जिले के और गांवों में फॉगिंग करवाने के लिए किया जाएगा। अस्पतालों में भी डेंगू के मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष इंतजाम किए हुए है। लोगों को डेंगू के लक्षणों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
जिले में 222 फॉगिंग मशीन, 46 खराब
जिले में 250 गांव है।222 फॉगिंग मशीनें हैं, जिनमें से एक नगर परिषद के पास और 221 ग्राम पंचायतों के पास है। इनमें से करीब 176 मशीनें ही चालू हालात में हैं, जबकि 46 मशीनें खराब हैं।
वर्जन
जहां पर डेंगू के केस मिले हैं, वहा पर स्वास्थ्य विभाग ने एंटी लार्वा एक्टिविटी चलाई है। ऐसे स्रोतों की जांच की है, जहां पर डेंगू के मच्छर पनप सकते हैं। इसके लिए लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है।-तीर्थ सिंह बागड़ी, जिला मलेरिया अधिकारी, झज्जर