बहादुरगढ़। उमस झेल रहे लोगों को मंगलवार जल भराव का सामना करना पड़ा। सुबह 11 बजे बूंदाबांदी शुरू हुई और बाद में तेज बारिश में तब्दील हो गई। करीब एक घंटे में 34 एमएम बारिश हुई। इससे शहर की निचली कॉलोनियों, सब्जी मंडी, झज्जर रोड समेत कई स्थानों पर एक से डेढ़ फुट तक जलभराव हो गया। लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रशासन की ओर से पानी निकासी के सही इंतजाम के दावों की पोल भी खुल गई।
बारिश के चलते शहर का अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके चलते प्रदूषण भी कम हो गया। एक्यूआई ग्रीन जोन में पहुंच गया और 61 दर्ज किया गया। जबकि शहर के नालों की समय पर सफाई न होने से पानी ओवरफ्लो होकर आसपास सड़कों व गलियों में भर गया। लोगों का घर से निकालना मुश्किल हो गया। वहीं मानसून की बारिश किसानों के लिए काफी फायदेमंद रही। लोगों को उमसभरी गर्मी से निजात भी मिली।
सेक्टर छह की हालत रही दयनीय
सेक्टर-6 की काफी सड़केंं पूरी तरह से बारिश के पानी से जलमग्न दिखाई दी। घरों के गेट तक पानी लबालब सड़कों पर भरा दिखा। कई मकानों में तो सीवर का पानी भी बैक मारने लग गया। शहरवासियों में ब्रह्मप्रकाश छिकारा, अशोक वर्मा, आजाद अहलावत ने कहा कि मेनहॉल की सफाई काफी लंबे समय से नहीं हो पाई है। सीवरेज सिस्टम फेल होने से गंदा पानी घरों में बैक मार रहा है। नालों की सफाई तक नहीं हो पाई है। कृषि विभाग के उपमंडल अभियंता डॉ. सुनील कौशिक ने बताया कि मंगलवार को 34 एमएम बारिश दर्ज की गई। यह बारिश फसलों के लिए फायदेमंद है। अब ज्वार, बाजरा, ग्वार व अरहर आदि की बिजाई के लिए किसान जमीन तैयार कर सकेंगे।
इन स्थानों के हो गए खराब हालात
बारिश के बाद शहर के पुराने बस अड्डे, सब्जी मंडी, छोटूराम नगर, सेक्टर-6, सैनी पुरा कॉलोनी, शास्त्री नगर, लाइनपार के नेताजी नगर, सूरत नगर, सुभाष नगर, फ्रेंड्स कॉलोनी, मेन बाजार, रेलवे रोड, झील मोहल्ला, बागवाला मोहल्ला, देव नगर, छोटूराम पार्क, महाबीर पार्क समेत अन्य कई रिहायशी क्षेत्रों में जलभराव हो गया। सड़कों पर पानी भरने से ट्रैफिक व्यवस्था भी लड़खड़ाती दिखी। बारिश के दौरान दिल्ली-रोहतक रोड पर पुराना बस स्टैंड के आसपास से लेकर पकौड़ा चौक, झज्जर मोड व अन्य प्रमुख जगहों पर जलभराव हो गया। राहगीरों को सड़कों पर भरे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। तेज बारिश के दौरान काफी लोगों ने मेट्रो साइट के फुटपाथ पर खड़े होकर बरसात के बंद होने का इंतजार किया।