झज्जर। लोकतंत्र के महापर्व दिन शनिवार को सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह 7 बजे से 9 बजे के बीच शहरी क्षेत्र में मतदान करने के लिए लोगों की भीड़ बूथों तक पहुंची, वहीं ग्रामीण क्षेत्र के बूथों पर दोपहर बाद बूथों पर भीड़ ज्यादा रही। फसल कटाई का सीजन होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र में लोग खेतों में सुबह के समय व्यस्त रहे।
कटाई से समय निकालने के बाद ग्रामीण मतदाता बूथों पर पहुंचे और मनपसंद प्रत्याशी को वोट डाला। यही वजह यह है कि जिले में शुरुआत के दो घंटों सुबह 7 से 9 बजे तक लगभग 9 प्रतिशत ही वोटिंग दर्ज की गई। झज्जर विधानसभा में सबसे कम 6 प्रतिशत ही वोटिंग शुरुआत के दो घंटे में हो सकी जबकि बादली विधानसभा क्षेत्र में सुबह के दो घंटों में सबसे ज्यादा 13 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई।
दिन बढ़ने के साथ ही वोटिंग का प्रतिशत भी बढ़ता चला गया। दोपहर एक बजे तक शहरी क्षेत्र के बूथों पर लोगों की लंबी-लंबी लाइनें नजर आई। पुरुष ही नहीं बल्कि महिलाएं भी अपना चूल्हा-चौका निपटाकर वोट करने के लिए भारी संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंची। शहर के पीएम श्री स्कूल बीकानेर चौक, घोसियान मोहल्ला के सरकारी, छावनी मोहल्ला के प्राइमरी स्कूल में पुरुषों के अलावा महिलाओं की भी अच्छी-खासी भीड़ मतदान केंद्रों पर दिखी।
महिलाओं के साथ बच्चे भी साथ पहुंचे
कई मतदान केंद्रों पर महिलाओं के साथ उनके बच्चे भी पहुंचे। कई महिलाओं की गोद में छोटे-छोटे बच्चे थे तो कई महिलाएं परिवार के सभी सदस्यों के साथ मतदान करने के लिए पहुंची। कई केंद्रों पर छोटे बच्चे भी उत्साहित दिखे और अपनी माताओं से पूछते नजर आए कि किसे मतदान किया। पीएम श्री स्कूल में अपने पिता के साथ आए 6 साल के बच्चे ने तो पिता के सामने वोट डालने की जिद्द भी कर ली और कहा कि मैं भी वोट डालूंगा। इस पर पिता बोला कि 18 साल का हो जाएगा तो खुद वोट डालने लग जाएगा।
कई पीढि़यां एक साथ वोट डालने पहुंची
मतदान के दौरान कई मतदान केंद्रों पर तीन-तीन पीढि़यां एक साथ वोट करने पहुंची। झज्जर के पीएम श्री स्कूल में 84 वर्षीय बीर सिंह कादियान अपने बेटे, पौतों के साथ मतदान के लिए पहुंचे। उनके साथ उनकी 77 वर्षीय पत्नी इंदिरावती, 54 वर्षीय बेटा जयप्रकाश, 20 वर्षीय पोता सुमित और 18 वर्षीय पोता गौरव साथ थे।