बादली। पशुओं में होने वाले मुंहखुर और गलघोंटू की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग की ओर से गांवों में टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। दोनों बीमारियों की रोकथाम के लिए एक ही वैक्सीन है। अभियान के तहत पशु चिकित्सक पशुपालकों के पास घर-घर जाकर पशुओं का टीकाकरण कर रहे हैं।
पशु चिकित्सक विकास शर्मा और संदीप सिंहमार ने बताया कि मुंहखुर और गलघोंटू के लिए टीकाकरण किया जा रहा है। पशु अस्पताल में 47000 पशुओं के लिए वैक्सीन उपलब्ध है। अस्पताल के अधीन आने वाले गांव लाडपुर, दरियापुर, बाढ़सा, माजरी, गंगड़वा, लुकसर और जरदकपुर सहित दर्जनों गांवों में टीकाकरण किया जाएगा। टीकाकरण गर्भवती पशु और 7 माह तक बछड़़ों को नहीं किया जाता। अभियान को सफल बनाने में चिकित्सकों की टीम जुटी है।
क्या है यह बीमारी
मुंहखुर और गलघोंटू पशुओं में तेजी से फैलने वाली गंभीर बीमारी है। मुंहखुर बीमारी में बुखार के चलते पशु खाना पीना छोड़ देता है। पैरों और मुंह में जख्म हो जाते हैं। इस रोग के फैलने से पहले ही टीकाकरण जरूरी माना जाता है। वहीं गलघोंटू बदलते मौसम में होने वाली एक बीमारी है।