बहादुरगढ़। दिगंबर जैन समाज के पर्यूषण महापर्व चल रहे हैं। शहर के दिगंबर जैन मंदिरों में दशलक्षण मंडल विधान की पूजा मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा की जा रही है। पर्युषण पर्व के दूसरे दिन उत्तम मार्दव धर्म की पूजा श्रद्धालुओं द्वारा की गई।
शांतिधारा पश्चात महाआरती में श्रद्धालुओं ने उत्साह से भाग लिया। पंडित दीपक जैन ने बताया कि मान, अहंकार व कषाय का मर्दन करना ही मार्दव धर्म है। संसारी प्राणी अनादिकाल से मान और अपमान के झूले में झूलता आया है। मान की भावना विवेक को नष्ट कर देती है। अहंकार पर विजय जीवन यात्रा का प्रथम सोपान है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म के अनुसार विनय के बिना परमात्मा को नहीं पाया जा सकता, मान को त्यागकर, हाथ जोड़कर और अहंकार को छोड़कर जो जीते हैं उनके पास ही होता है विनय। मार्दव धर्म कहता है कि छोटा बनकर जीना है। उत्तम मार्दव धर्म जीवन को सुगंधित करने की सीख देता है। वहीं जैन समाज के प्रधान सुनील जैन ने बताया कि यह कार्यक्रम 10 दिनों तक चलेंगे। 18 को शहर में क्षमावाणी पर्व मनाया जाएगा। शहर में रथ यात्रा निकलेगी। इसमें उत्तर प्रदेश की झाकियां और दिल्ली का बैंड शामिल होगा। महापर्व के दौरान 10 दिनों तक अलग-अलग विभिन्न रूपों में पूजा पाठ के साथ यह पर्व मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 10 सितंबर को उत्तम आर्जव पर्व, 11 को उत्तम शौच पर्व, 12 को उत्तम सत्य पर्व, 13 को उत्तम उत्तम संयम पर्व, 14 को उत्तम तप पर्व, 15 को उत्तम त्याग पर्व, 16 को उत्तम अंकिचन्य पर्व मनाया जाएगा। 17 सितंबर को उत्तम ब्रह्मचर्य पर्व अनंत चतुर्दशी मनाई जाएगी।