ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के पदाधिकारी बजट की प्रतिया जलाते हुए।स्त्रोत स्वयं
झज्जर। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों ने शनिवार को रेवाड़ी बाईपास पर केंद्रीय बजट की प्रतियां जलाकर विरोध बताया। उन्होंने बजट को किसान-मजदूर विरोधी बताया।
किसान नेताओं ने कहा कि किसानों तथा ग्रामीण गरीबों के कर्जे खत्म करना चाहिए। महंगाई पर रोक लगाओ, सभी बेरोजगारों को रोजगार दो, पूरे देश के किसानों को उनकी फसलों पर लागत का डेढ़ गुना दाम दो, प्रीपेड मीटर लगाना बंद करो, शिक्षा इलाज का निजीकरण नहीं चलेगा नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए संगठन की प्रदेश कमेटी के सदस्य ओमबीर सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार के अंतरिम बजट में ग्रामीण गरीबों तथा किसानों की अनदेखी की गई है।
एमएसपी की गारंटी और फसल बीमा को किसान हितैषी बनाने की मांग नदारद है। किसानों तथा भूमिहीन ग्रामीण गरीबों को कर्ज मुक्त करने की कोई चर्चा नहीं है। फसल बीमा योजना का बजट 2.7 प्रतिशत, अन्नदाता संरक्षण का 21 प्रतिशत, यूरिया सब्सिडी का बजट 7.5 प्रतिशत घटा दिया। इससे खेती में लागत बढ़ जाएगी। जिला कमेटी सदस्य सतपाल सिंह सभ्रवाल ने कहा कि 2 करोड़ युवाओं को प्रतिवर्ष रोजगार देने तथा विदेशों से काला धन लाकर नागरिकों के खाते में 15-15 लाख रुपये डालने जैसा ही, किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करना जुमला ही सिद्ध हुआ। इस अवसर पर ओमवीर सिंह, सतपाल सभ्रवाल के अलावा किशन छबीली, संसार सुरहेती, नरेश, कैलाश खोहाल, हरीश कुमार, आनंद, बलजीत सिंह उपस्थित थे।