झज्जर। वर्ल्ड मेडिकल कॉलेज में प्रथम वर्ष के छात्र तुषार ने सीनियर छात्रों के ऊपर रैगिंग के आरोप लगाए हैं। इस मामले में उसने पुलिस में लिखित में शिकायत दी और कॉलेज प्रबंधन को मौखिक तौर पर इस बारे में जानकारी दी। तुषार के पिता सुनील भाटी ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने बताया कि कॉलेज में सीसीटीवी कैमरे ठीक ढंग से काम नहीं कर रहे हैं। वहीं मौके पर जब सीनियर छात्र उनके बेटे तुषार के साथ मारपीट कर रहे थे उस समय संस्थान के तीन सिक्योरिटी गार्ड भी वहां पर मौजूद थे। लेकिन उन्होंने बीच बचाव नहीं किया। अगर वह बीच बचाव कर लेते तो उनके बेटे को चोट नहीं लग पाती। इस बारे में जब संस्थान के चेयरमैन डॉ. नरेश को बताया तो उन्होंने तुरंत प्रभाव से तीनों गार्डों को निलंबित कर दिया है। इतना ही नहीं जब मामले के बारे में पूर्ण रूप से जानकारी लेने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई तो कई कैमरे सुचारू रूप से काम करते हुए नहीं पाए गए। इस स्तर के कोर्स कराने वाली संस्थान में छात्र देर रात शराब पीकर आते हैं तो उनका सुरक्षा सिस्टम घेरे में आ जाता है। उन्होंने कहा कि जब हम अपने बच्चे को लाखों रुपये की फीस भरकर एमबीबीएस का कोर्स करवा रहे हैं, वहां पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। देश के कई राज्य से यहां विद्यार्थी पढ़ने के लिए आते हैं लेकिन छात्रों की सुरक्षा को लेकर कोई खास प्रबंध नहीं किए गए हैं। उनके बेटे के साथ हुई इस घटना के बाद वह काफी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
उनका कहना है कि उनके पास आरोपी छात्रों की ओर से लगातार धमकी भरे फोन आ रहे हैं। इस विषय में वह दुजाना थाने में शिकायत भी देकर आए हैं। लेकिन दुजाना थाना प्रभारी सूरजभान ने कहा कि उन्हें किसी तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है।
सीनियर बोले- गुटबाजी का हो रहे शिकार
आरोपी सीनियर छात्रों का कहना है कि मामला गुटबाजी का होता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाए कि खुद तुषार अपने दोस्तों को लेकर उनके कमरे में आया था और उनके साथ कहासुनी की।
8 मार्च तक छात्रों की छुट्टी
संस्थान के डीन जेसी पासी का कहना है कि होली पर सभी विद्यार्थियों की छुट्टी कर दी है। इससे विद्यार्थियों के बीच तनाव काफी कम होगा और मामला शांत होने की उम्मीद है। उनकी ओर से गठित की गई कमेटी ने वीरवार को ही छात्रों को दोषी पाया था, जिन्हें 3 माह के लिए निलंबित कर दिया गया है। 9 मार्च को दोबारा से कमेटी की ओर से जूनियर छात्रों से बातचीत की जाएगी कि उनके साथ रैगिंग हुई है या नहीं।