बादली। क्षेत्र के गांव गुभाना के लोकहित पुस्तकालय में सूर्य कवि पंडित लखमीचंद जयंती पर समिति सदस्यों और ग्रामीणों ने पुष्प अर्पित कर नमन किया। समिति अध्यक्ष नरेश कौशिक ने पंडित लख्मीचंद के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को पंडित लख्मीचंद का नाम तो पता है लेकिन उन्हें यह भी पता होना चाहिए की एक अनपढ़ व्यक्ति ने अपने ज्ञान से 22 सांग काशी के शास्त्री टीकाराम से लिखवाए थे। पंडित लख्मीचंद सांग में रागनी बोलते थे जबकि टीकाराम शास्त्री उन्हें लिखते थे। अनपढ़ होते हुए उन्हें चारों वेदों का ज्ञान रहा और देश में युवा अब उनकी रचनाओं पर पीएचडी कर रहे हैं। इस मौके पर सूबेदार मेजर सुरेश कुमार, जय भगवान प्रधान, पहलवान रामकुमार, नवीन कौशिक, सत्यवान, अमन, दीपक और फूल कुमार मौजूद रहे।