बहादुरगढ़। प्रदेश के विभिन्न स्थानों से चलकर बहादुरगढ़ के रास्ते दिल्ली और रोहतक की तरफ जाने वाली तीन पैसेंजर ट्रेनें रद्द होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। नौकरी पेशा दैनिक यात्रियों का कहना है कि 150-200 रुपये का मासिक पास बनवाकर दिल्ली जाते थे अब मेट्रो से जाने में एक दिन में ही इतना खर्च हो रहा है। डेढ़ महीने ट्रेन बंद रहने से तो उनका सारा बजट ही गड़बड़ा जाएगा।
दिल्ली-रोहतक दैनिक रेल यात्री समिति ने रेलवे विभाग से जहां ट्रेनों को किशनगंज या शकूरबस्ती तक चलाने की मांग उठाई है। डेढ़ महीने तक तीन पैसेंजर ट्रेनों को रद्द किया गया है। पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर वाशिंग लाइन को बदलने के लिए कार्य किया जाएगा। इसलिए ट्रेनों का संचालन बंद रअसल,किया गया है। ट्रेनें 12 अगस्त से 25 सितंबर तक रद्द कर दी गई हैं। जिन ट्रेनों को रद्द किया गया है उनमें ट्रेन संख्या 04432 जाखल से पुरानी दिल्ली पैसेंजर, 04425 पुरानी दिल्ली से नरवाना पैसेंजर, 04426 जींद से नरवाना पैसेंजर, 14024 कुरूक्षेत्र से पुरानी दिल्ली, 14023 पुरानी दिल्ली से कुरूक्षेत्र शामिल हैं।
मैं प्रतिदिन रोहतक नौकरी करने के लिए जाता हूं। ट्रेन से सफर करता हूं, अब तीन पैसेंजर ट्रेनें निरस्त की गई हैं। इससे ड्यूटी पर जाना बेहद मुश्किल हो रहा है। जितना महीने में पास बनवाकर किराया लगता था अब एक दिन में इतना खर्च हाे रहा है। रेलवे विभाग को चाहिए कि तीनों ट्रेनों का संचालन करे और इसे दिल्ली की तरफ किशनगंज और शकूरबस्ती तक चलाए।
-महेश दलाल, सेक्टर-6 निवासी
प्रतिदिन बहादुरगढ़ से दिल्ली दुकान का सामान लेने के लिए जाना पड़ता है। सदर बाजार तो कभी चांदनी चौक जाता हूं। ट्रेनों में यात्रा करके सामान लाता हूं। अब 12 अगस्त से तीन ट्रेनें रद्द कर दी गई है। ट्रेन से जहां एक महीने तक दिल्ली आवागमन करने में 150 से 200 रुपये का पास बनता है वहीं मेट्रो में प्रतिदिन 100 से 200 रुपये खर्च होते हैं।
-विपिन कुमार, दुकानदार
समिति ने की मांग
दिल्ली-रोहतक दैनिक रेल यात्री समिति के प्रवक्ता सतपाल हाडा ने कहा कि समिति ने रेलवे विभाग से मांग की है कि इन गाड़ियों को रद्द करने की बजाय शकूरबस्ती या किशनगंज से चलाया जाए, क्योंकि यह दोनों ट्रेन यात्रियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण गाड़ियां हैं। इन गाड़ियों के रद्द होने से दैनिक रेल यात्रियों को बहुत बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बहादुरगढ़ से प्रतिदिन दिल्ली और रोहतक की तरफ हजारों की संख्या में लोग यात्रा करते हैं। काफी संख्या में विद्यार्थी रोहतक और दिल्ली के कॉलेजों में पढ़ने के लिए जाते हैं। गाड़ियों के बंद होने से उन्हें भी दिक्कत होगी।