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किसान आंदोलन को नई धार देने के लिए हरियाणा के 40 किसान संगठनों ने एक मंच पर आकर बनाया एसकेएम हरियाणा

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टीकरी बार्डर पर मीटिंग में मौजूद किसान नेता। - फोटो : Bahadurgarh
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बहादुरगढ़। टीकरी बॉर्डर पर कृषि कानूनों को वापस कराने और एमएसपी पर कानून बनाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को हरियाणा में नई धार देने के उद्देश्य से प्रदेश भर के करीब 40 किसान संगठनों ने एक मंच पर आकर संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) हरियाणा का गठन किया है। यह संगठन किसान आंदोलन को अधिक मजबूत करेंगे। शुक्रवार को मोर्चा की पहली बैठक टीकरी बॉर्डर पर हुई। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) ने भी इसमें शिरकत की। इसमें कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा विधानसभा का सत्र चल रहा है। मीटिंग में यह निर्णय लिया गया है कि बीजेपी, जजपा और इनके भाजपा समर्थित विधायकों का घेराव किया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि जल्द ही एसकेएम हरियाणा के सदस्य पश्चिमी बंगाल जाएंगे और भाजपा के खिलाफ चुनाव प्रचार करेंगे।
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गुरनाम चढूनी ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा से मिलकर काम करेगा, इसके साथ संगठन अपने स्तर पर आंदोलन को गति देगा। आंदोलन को तेज करने के लिए हर हफ्ते संगठन की बैठक होगी। उन्होंने कहा कि पहले की तरह भाजपा, जेजेपी के विधायकों, मंत्री और नेताओं का बहिष्कार जारी रहेगा। कुछ जगहों से खबरें आ रही हैं कि बीजेपी, जेजेपी के एमएलए गांवों में घुसने की कोशिश करके गांवों का माहौल खराब कर रहे हैं, लेकिन उन्हें ऐसा नहीं करने दिया जाएगा।
बैठक में टोल हटाओ संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र हुड्डा, हरियाणा पंजाब के एकता मंच से सतीश राणा, बीकेयू लोकशक्ति से जगबीर सिंह, बीकेयू राष्ट्रवादी के जफर मेवाती, केपी सिंह, बीकेयू (टिकैत) से युवा अध्यक्ष रवि आजाद, हरियाणा खेती बचाओ संघर्ष समिति से जरनैल सिंह रतिया, लोक पंचायत से गुरुडम झब्बर, अखिल भारतीय न्यूनतम समर्थन मूल्य से प्रदीप धनखड़, शहीद भगत सिंह सेना से विक्रम, बीकेयू (मांगेराम) से भीम मालिक, किसान एकता से गुरप्रीत जेलदार, महिला किसान शक्ति से सुमन हुड्डा, किसान सोशल आर्मी से अनूप चिन्योट, बीकेयू किसान से सरदार सुखेदव विर्क, राष्ट्रीय किसान संगठन से जसबीर सिंह भाटी, आवाजे खलियान से मनोज सहरावत व सरदुल सिंह, जगजीत सिंह, परवीर सरपंच, उमराव बेर आदि मौजूद थे।
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