बादली। एक ओर स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन बादली की सीएचसी में हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। सीएचसी में नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं है। इस कारण अस्पताल में आंखों संबंधी बीमारी की परेशानी लेकर पहुंच रहे मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सीएचसी में वैसे तो शुरू से डॉक्टरों की कमी है। वर्तमान में कई डॉक्टरों के पद खाली हैं, लेकिन पिछले करीब दो साल से नेत्र रोग विशेषज्ञ और सहायक नहीं हैं। नेत्र रोग सहायक सुनील दत्त की सेवानिवृति के बाद यहां किसी दूसरे स्थाई नेत्र चिकित्सक की पदस्थी नहीं की गई है।
रोजाना आ रहे 15 से 20 मरीज
अस्पताल में हर रोज 15 से 20 मरीज आंखों के इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। मगर उन्हें आंखों का डॉक्टर न होने के कारण इलाज नहीं मिल पाता। ऐसे में मरीज को बिना इलाज लौटना पड़ता है और फिर इलाज के लिए झज्जर या बहादुरगढ़ की दौड़ लगानी पड़ती है। जहां मरीजों को इलाज के लिए समय के साथ-साथ काफी मोटी रकम भी खर्च करनी पड़ती है।
नेत्र रोग सहायक सेवानिवृत होने के बाद अस्पताल में अभी कोई नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं है। अस्पताल में नेत्र चिकित्सक पदस्थ करने की मांग को लेकर कई बार शासन को पत्र लिखा जा चुका है। इस संबंध में फिर से पत्र लिखेंगे।
- डाॅक्टर संदीप, एसएमओ, बादली।