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Jhajjar-Bahadurgarh News: समाधान दिवस का सच...नहीं हुई रजिस्ट्री, चक्कर काटकर हुआ परेशान

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झज्जर। समाधान शिविर शुरू हुए दो माह से ज्यादा का समय हो चुका है, लेकिन समय से लोगों की शिकायतों का समाधान नहीं हो रहा। कुछ शिकायत तो 57 दिन पुरानी हैं जिनका अभी तकसमाधान नहीं हुआ है। पीड़ित अपनी शिकायत लेकर कई बार समाधान शिविर के अलावा संबंधित विभागों के चक्कर काट रहे हैं।
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सरकारी आंकड़ों के अनुसार 10 जून से शुरू हुए समाधान शिविर में अभी तक 3044 शिकायतें आ चुकी हैं, जिसमें से अब तक 2646 शिकायतों का समाधान हो चुका है जबकि 398 शिकायतें अब भी लंबित हैं। इन लंबित शिकायतों की पड़ताल की गई तो पता चला कि 18 जून को जिन शिकायतों पर सुनवाई की गई थी, वह भी आज तक लंबित हैं। समाधान शिविर के पहले दिन सभी शिकायतों का समाधान किया गया, लेकिन उसके बाद से लगातार शिकायतें लंबित पड़ी हुई हैं।

केस 1
साल्हावास निवासी ओमप्रकाश ने बताया कि उसने 18 जून को समाधान शिविर में अपने खेत को जाने वाला रास्ता पक्का करने के लिए शिकायत दी थी, लेकिन आज तक रास्ता नहीं बनाया गया। उनके परिवार को आवागमन में दिक्कत होती है। अब बरसात में कीचड़ जमा है, इसलिए बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है। उसने आरटीआई लगाकर पूछा कि किस योजना के तहत सड़क बनेगी तो उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री खेत खलियान योजना के तहत सड़क बनेगी, लेकिन यह सड़क कौन बनाएगा, आज तक इसका जवाब नहीं दिया गया है।
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केस 2

राधा स्वामी कालोनी निवासी सवीन ने बताया कि उसने 18 जून को समाधान शिविर में अपनी प्रॉपर्टी के इंतकाल और रजिस्ट्री न होने की शिकायत दी थी, लेकिन आज तक समाधान नहीं हुआ। कई बार समाधान शिविर में जाकर शिकायत दे चुका है। वह अपने मकान का प्रॉपर्टी टैक्स दे रहा है। उसकी प्राॅपर्टी आईडी भी बनी हुई है। उसके बावजूद रजिस्ट्री व इंतकाल नहीं किया जा रहा।


शिविर में आई 46 शिकायतें, किसी का नहीं हुआ समाधान
लघु सचिवालय सभागार में लगाए गए समाधान शिविर में मंगलवार को 45 शिकायतें आई, लेकिन किसी का समाधान नहीं हो पाया। कई समस्याएं तो ऐसी थी जिनका शिकायकर्ता के 4-5 बार चक्कर लगाने के बाद भी समाधान नहीं हुआ था। मंगलवार को जिला नगर आयुक्त परवेश कादयान ने लोगों की समस्याओं को सुना। जो शिकायतें आई, वह संबंधित विभाग के अधिकारियों को सौंप दी गई।
इन लोगों के भी नही हुए काम
शनिवार को समाधान शिविर में आए गांव सोलधा निवासी अनिल ने बताया कि उसके परिवार पहचान पत्र में आय 5-8 लाख की गई है कम करने के लिए चार बार शिविर के चक्कर लगा चुका हूं, लेकिन अभी तक आय कम नहीं हुई है बार-बार समय दे दिया जाता है। गांव भठेड़ा निवासी मनाेहर लाल ने बताया कि मेरी परिवार पहचान पत्र में 3 लाख आय दशाई है। परिवार में 3 सदस्य हैं। वह स्वयं बुढ़ापा पेंशन ले रहा है। बेटा बेराेजगार है जबकि पत्नी गृहणी है। 6-7 बार चक्कर काटने के बाद भी उनकी आय को कम नहीं किया गया। गांव डावला निवासी रामबीर ने बताया कि उसके ससुर की मृत्यु 23 जूुन 2016 को हुई थी, लेकिन अभी तक उसका मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बन पाया है। अस्पताल में पूछने पर कह दिया जाता है कि ऑनलाइन बन गया है, लेकिन अभी तक नहीं बना है। वह पिछले दो सालों से चक्कर काट रहा है।
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