झज्जर। जिले के लोगों को बेटियां रास आने लगी हैं। पिछले एक वर्ष में जिले की माताओं ने खूब बेटियां जन्मी हैं। लिंगानुपात के मामले में झज्जर प्रदेश में 13वें स्थान पर आ गया है। साल 2020 में जिले का लिंगानुपात 891 था, जो 2023 में बढ़कर 905 तक पहुंच चुका है। यानी जिले में अब एक हजार लड़कों के पीछे 905 लड़कियां हैं। हालांकि इन चार साल में काफी सुधार हुआ है, लेकिन अब तक भी काफी सुधार की गुंजाइश बाकी है।
नौ साल पहले की बात करें तो जिले में लिंगानुपात की स्थिति बेहद खराब थी। 2014 में जिले का लिंगानुपात 825 ही थी। उसके बाद धीरे-धीरे प्रयास किए गए। लोगों को जागरूक किया गया। गर्भ में लिंग जांच करने वालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू की, इसके बाद लगातार जिले का लिंगानुपात सुधर रहा है। 2014 से 2017 तक काफी अच्छा सुधार हुआ, लेकिन 2018 में फिर लिंगानुपात 875 पर आ गया। 2019 से लेकर 2023 तक लगातार लिंगानुपात सुधर रहा है, लेकिन पिछले चार साल में लगातार सुधार की स्थिति है।
2023 में 23 पीएनडीटी की रेड हुई इसमें दो एमटीपी की
2023 में स्वास्थ्य विभाग लिंग जांच करने वालों के खिलाफ काफी एक्टिव रहा और कार्रवाई की गई। 2023 में स्वास्थ्य विभाग ने सूचना के आधार पर 23 रेड की जबकि दो एमटीपी की रेड हुई। इसमें सबसे बड़ी रेड दिल्ली में हुई। यहां नामी डॉक्टर लिंग जांच करता हुआ पकड़ा गया था। इस मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पांच माह के दौरान आया सुधार
2023 में भी लिंगानुपात में काफी उतार-चढ़ाव आता रहा। सितंबर से लेकर नवंबर तक लिंगानुपात की स्थिति काफी खराब रही। जुलाई में जहां लिंगानुपात 971 था, वहीं अगस्त में 920 तक आ गया था। उसके बाद सितंबर में 883 रह गया था। नवंबर तक आते-आते लिंगानुपात 846 तक पहुंच गया था जबकि दिसंबर में यह 865 रहा। ओवऑल पूरे साल का लिंगानुपात 905 तक रहा।
पिछले 9 साल में जिले का लिंगानुपात
वर्ष लिंगानुपात (सीआरएस) एएनएम के अनुसार (लिंगानुपात)
2014- 825 795
2015- 849 834
2016- 885 883
2017- 920 926
2018- 875 923
2019- 914 941
2020- 891 924
2021- 895 898
2020- 892 890
2023- 905 917
वर्ष 2023 में किस माह में कितना रहा लिंगानुपात
जनवरी-974
फरवरी-942
मार्च-824
अप्रैल-950
मई-908
जून-971
जुलाई-920
अगस्त-883
सितंबर-887
अक्तूबर-846
नवंबर-865
दिसंबर-905
पिछले चार साल के मुकाबले जिले के लिंगानुपात में सुधार हुआ है। उसके लिए 2023 में 23 रेड की गई। इसमें कई लोगों के खिलाफ केस भी दर्ज करवाए गए। 2024 में लिंगानुपात की स्थिति और बेहतर करने का काम किया जाएगा।
- डाॅ. ब्रह्मदीप सिंह, सिविल सर्जन, झज्जर