बादली। ईंट-भट्ठों के शुरू होते ही ईंट के भाव में गिरावट दर्ज हो रही है। एक माह में एक हजार रुपये प्रति हजार पर कमी आई है। गिरावट का कारण अब सभी ईंट-भट्ठों का चलना है। ये एक जुलाई तक चलेंगे। पीछे आठ माह तक इनके बंद होने से ईंटों के भाव में निरंतर बढ़ोतरी होती जा रही थी।
पिछले साल जुलाई-अगस्त में ईंट-भट्ठे बंद होने के दौरान ही मालिकों ने नियमों को स्वीकार करते हुए फैसला लिया था कि अगले वर्ष नियमानुसार भट्ठे चालू होंगे। स्टॉक कम होने व मांग अधिक होने के कारण ईंट के भाव में बढ़ोतरी हुई। मार्च तक 8 हजार रुपये प्रति हजार ईंट का भाव पहुंच गया। कुछ भट्ठों पर स्टॉक खत्म होने के चलते ईंट तक नहीं मिली। अब ईंट का भाव 6 से 7 हजार रुपये प्रति हजार तक आ गया है।
दिल्ली और गुरुग्राम होती है सप्लाई
सप्लायर मनोज, प्रदीप और मनजीत का कहना है कि क्षेत्र के ईंट-भट्ठों से गुरुग्राम और दिल्ली में ईंट सप्लाई होती है। प्रतिदिन सैकड़ोंं की संख्या में ट्रक ईंट भरकर निकलते हैं। दोनों ही जगह पर निर्माण कार्य क्षेत्र के भट्ठों पर निर्भर है। पिछले कई माह से ईंट के भाव बढ़ने से निर्माण कार्य भी कम होने लगे थे, मगर अब एक बार फिर बिक्री में तेजी आई है।
मजदूरों को मिला काम
भट्ठे बंद होने से मजदूरों का रोजगार भी छिन गया था, मगर भट्ठे शुरू होने से मजदूरों को भी रोजगार मिल गया है। पिछले दिनों बाहरी मजदूर घर चले गए थे, जो अब धीरे-धीरे वापिस लौटने लगे हैं। मजदूरों ने काम संभाल लिया है। पथेर, पकई और निकासी कार्य तेजी से हो रहा है।