बहादुरगढ़। सूर्य कवि पंडित लख्मीचंद धर्मशाला समिति की ओर से कराए जा रहे हरियाणवी सांग के तीसरे दिन सांगी पंडित विष्णुदत्त ने पदमावत सांग का प्रदर्शन किया।
सांग में मुख्य अतिथि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के डेलीगेट राजेश जून उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि राजेश जून, तेजपाल राठी, सतीश राठी, गौरव राठी, बलबीर राठी का धर्मशाला के संरक्षक पालेराम शर्मा, प्रधान प्रवीण शर्मा, महासचिव सतीश शर्मा ने पगड़ी और शॉल भेंटकर स्वागत किया। राजेश जून ने कहा कि प्राचीन संस्कृति को संजोकर रखने में कलाकारों का अहम योगदान है। सांग के माध्यम से बताया गया कि रणबीर राजा का लड़का अपने दोस्त के साथ शिकार खेलने वन में जाता है और दोनों दोस्त एक दूसरे से बिछड़ जाते हैं। राजकुमारी पदमावत अपनी सखियों के साथ वहां पर घूमने आई थी। रणबीर उनको देखकर हैरान रह जाता है कि इतने बड़े वन में महिलाओं का क्या काम। रणबीर और राजकुमारी पदमावत की आंखें मिलती हैं और एक-दूसरे पर मोहित हो जाते हैंं। राजकुमारी वहां से वापिस महल जाती है, लेकिन रणबीर को मिलने के लिए बेताब रहती है। यह सांग मनुष्य की काया पर रचा और मन, शरीर और काया का इस सांग के अन्दर पूरा विवरण दिया गया है। इस अवसर पर धर्मशाला के पूर्व प्रधान मामनराम, पूर्व प्रधान मामनराम, उप प्रधान हरिओम गौतम, मनोज भारद्वाज, राजकुमार भारद्वाज, राज सिंह खत्री, अश्वनी शर्मा, बिजेन्द्र भारद्वाज, रमेश दीक्षित, प्रताप शर्मा, रमेश कौशिक, अमित अत्री, सुमित अत्री, सतीश भारद्वाज, बिल्लू पंडित, अतर सिंह कौशिक उपस्थित रहे।